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उत्तराखंडी ई-पत्रिका

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Tuesday, October 30, 2012

मंत्रिमंडल मा परिवर्त

Critical review of Garhwali satirical prose- 85

गढ़वाली हास्य व्यंग्य

चबोड़ इ चबोड़ मा

                                            मंत्रिमंडल मा परिवर्तन

                                                चबोड्या : भीष्म कुकरेती

 

धृतराष्ट्र - संजय ! जरा दिखदि बल जम्बूद्वीप मा म्यार राजपाठ मा क्या स्तिथि च ? लोग मेरी राजशैली बारा मा क्या क्या बुलणा छन ? मन्त्र्युं बारा माँ लोगु मन मा क्या छवि च ?

संजय - महाराज ! दिख्युं आँख क्या दिखण अर तप्युं घाम क्या तपण ?

धृतराष्ट्र- त्यार मतबल च जु हाल एक साल पैल छौ वो ही हाल होला ?

संजय - हाँ कुरुवंशधिराज ! म्यार ख्याल से त ऊनि स्तिथि इ ह्वेली जु एक साल पैलि छे .

धृतराष्ट्र- में लगणु च जन मानस का मन मा कुछ ना कुछ बदलाव जरूर ह्वे ह्वाला।ज़रा अपण दिव्य दृष्टि से देख त सै !

संजय- ठीक च महाराज ! मि आपक बुल्युं मानिक जम्बूद्वीप की स्थिति दिखुद छौं .पण माराज में तै वरदान च कि मि झूटी अर चापलूसी भर्युं ब्यौरा द्योलू त मेरी दिव्यदृष्टि समाप्त ह्वे जाली अर शीरस्थ पदाधिकारी वी सुणण चांदन जो वूं तै पसंद च वो हि दिखण चांदन जो वूं तै भलो लगद

धृतराष्ट्र- नै नै ! हम उच्च पदासीन सम्राट अन्वेषी (जासूस) रखदा इ इलै छंवा बल जु यथास्थिति बतावन . तू मै अपणी दिव्द्रिष्टि से भारत  राष्ट्र का जनमानस म्यार राज पाठ का बारा मा क्या सुचणा छन की सही जानकारी दे .

संजय- ठीक च चक्रवर्ती सम्राट ! ये मेरी ब्वे !

धृतराष्ट्र- क्या ह्वाई ?

संजय- माराज ! जनमानस का मन मा आपकी छवि मा हौर बि गिरावट आईं च। लोग पोरु साल से जादा थू थू करणा छन .आपकी छवि माँ निरंतर गिरावट आणि च अर निस्संदेह या छवि गिरावट रुकण वाळ नी च .

धृतराष्ट्र- संजय इन क्या बिजोग पोड़ कि मेरी छवि माँ दिनोदिन गिरावट आणि च।

संजय- माराज ! ढोल, दमौ याने की सूचना माध्यमो मा आपका ख़ासम ख़ास मंत्री अलापट्टू राजा क कुकर्मी करतूतों से आपकी ज्वा छवि खराब ह्वे छे वा छवि अबि बि जनमानस का मन मा बसीं च .

धृतराष्ट्र- पण हमन त कुकर्मी अल्लापट्टू राजा तै मंत्री पद से हटाई त दे छौ फिर बि ?

संजय- हाँ माराज ! आपन अल्लापट्टू राजा तै मंत्री पद से हटाये जरूर च पण लोगु दिमाग मा वांकी रैणी अब तलक पड़ी च अर जगा जगा सैकड़ो क्षेत्रीय लोक कथा बणना छन अर यी लोक कथा प्रसिद्ध बि हूँणा छन .

धृतराष्ट्र- संजय अर यांको अलावा ?

संजय- माराज ! असह्य मंहगाई की मार से त आम मनिख इ ना मध्यम धनिक वर्ग बि रोज ह्यळि गडणु च कि हे भगवान या त मंहगाई हटा या धृतराष्ट्र की जगा पांडू तै सम्राट बणा !

धृतराष्ट्र- क्या इथगा सालो मा लोग अबि बि पांडू तै नि बिसरेन ?

संजय - माराज आपका मन्त्र्यु कुकर्मी करतूत अर मंहगाई भूतपूर्व चक्रवर्ती सम्राट पांडू तै नि बिसरण दीन्दन

धृतराष्ट्र- पण मन्त्र्यु न कार क्या च जु जनमानस इथगा रुस्याणि च ?

संजय - क्या नि कार ! जम्बूद्वीप खेल प्रतियोगिता का घपला लोग बिसरि नि छ्या कि खनन मन्त्रीक कुकर्मी करतूत की खबर लोगु तै पता चौल , खनन मन्त्रीक कुकर्मो आग ठंडी नि ह्वे छे कि आपक जंवे जयद्रथ का कुकर्म अग्वाड़ी ऐ गे। न्याय मंत्री पर त डून्ड़ो -काणो लठुल चोरी क अभियोग बि सिद्ध ह्वे ग्यायी .

धृतराष्ट्र- त्यार बुलणो मतबल च कि मेरी छवि भौत इ खराब हुईं च ?

संजय- महाधिराज ! छवि खराब ना छवि रसातल को ढूंगो तौळ चली गे . तुमारी छवि को भतिया भंग हुयुं च .अर सम्राट ! द्वीएक सालम राजकुमार युधिस्ठिर बि बालिग़ ह्वे जालो अर जनि वो मय भाइयोंक हस्तिनापुर आलो त लोगुन दबाब बणाण कि आप राजगद्दी राजकुमार युधिष्ठिर तै सौंपो .

-धृतराष्ट्र- अरे क्वी सेवक च . जाओ दुर्योधन अर शकुनी जी तै चौड़ बुलाओ

सेवक - माराज सूचना भिजे गे . बस राजकुमार दुर्योधन श्री अर मंत्री शकुनी आंदी होला . ल्या सि द्वी ऐ गेन .

शकुनी - चक्रवर्ती सम्राट ! क्या बात ? क्या परेशानी ?

धृतराष्ट्र- स्यु संजय बुलणु च कि मेरि छवि गुदनड , गुज्यर जोग ह्वे ग्याई अर लोग भ्राता पांडू क राज रोज याद करणा छन .

दुर्योधन - मामा श्री इन मा क्या करे जाव?

शकुनी - करण क्या च ! बस लोगु ध्यान कखि हौरि तरफा लिजाओ अर दगड़ मा दूसरी छवि बणाणो सतत प्रयत्न .

धृतराष्ट्र- अबि क्या करण ?

शकुनी- अबि त फटाफट मंत्रिमंडल मा परिवर्तन करवाण जरूरी च .

धृतराष्ट्र- मंत्रिमंडल मा फेरबदल से लाभ ?

शकुनी - मंत्रिमंडल मा फेरबदल से भौत सा लाभ छन . एक त लोगु ध्यान वर्तमान मन्त्र्यु कुकर्मो से इना उना बंटी जालो . फिर हवा फैलावो कि जनमानस को लाभार्थ मंत्रीमंडल माँ परिवर्तन करे ग्याई

धृतराष्ट्र- लोग मानि जाला क्या ?

शकुनी- लोग ढिबर हून्दन . राजा जना चाओ जनता तै ढिबर समजिक हकै सकदु .

धृतराष्ट्र- ठीक च त मेरी छवि सुदारणो वास्ता भोळ इ मंत्रिमंडल मा परिवर्तन करे जाव

शकुनी - अर जनता मा जोर शोर से प्रचार करे जाव कि जनता क भलै बान इ मंत्रिमंडल मा परिवर्तन करे गे। जनता की भलै ह्वाओ या नि ह्वाओ पण जनता तै लगण चयेंद कि परिवर्तन से जनहित ह्वालो .

Copyright@ Bhishma Kukreti 31/10/2012