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उत्तराखंडी ई-पत्रिका

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Sunday, October 28, 2012

फोन नि आई ?

गढ़वाली हास्य व्यंग्य चबोड़ इ चबोड़ मा फोन नि आई ?

चबोड्या : भीष्म कुकरेती

आज क्या ब्याळि बिटेन वो अपण ख़ास फ़ोनों समणि बिटेन नि हटेन . बस झाड़ा अर पिसाब छोड़िक वो इखमी चिपक्याँ रैन . उंकी कज्याणि जाणदि च कि जब बि मंत्रीमंडल फेरबदल की छ्वीं लगदन अर मंत्रीमंडल शपथ लीणों दिन घोषित हूंद वो सौब कुछ छोड़िक फ़ोनों समणी चिपक्याँ रौंदन। आज त वूं तै पक्को भरवस च बल फोन जरूर आलो . नितर्स्युं कैबिनेट रिशफल च अर अबि बि फोन नि आई . पिछ्ला द्वि सालो से वूंन जू बि हाई कमांड मा जैकि बि चलदी छे वैकि चमचागिरी मा क्वी बि कमि नि छ्वाड़ . नेता जीन काम का क्वी बि ह्वावन वै पर बाल्ट्युन नौणी /मक्खन लगाई . वूनं चमचागिरी क सरा हद्द तोड़ीन अर अबि तलक क्वी फोन नि आई। हाई कमांड मा जु बि ख़ास ख़ास आका छ्या वूंखुण फोन कार त सब्यूं बुलण छौ बल वो इ धुकधकी मा छन बल वूंको क्या ह्वाल त वो क्या बतावन कि नेता जीक क्या ह्वालो . अपणा ख़ास ख़ास पत्रकारों से बि पूछ कि ," क्या मेरी बात बि होणि च? " त पत्रकारों न जबाब दे बल हाई कमांड क्या करण चाणो च की क्वी खबर भैर नि आणि च। हाँ खास पत्रकारों न एक काम जरूर कार की टी।वी माध्यम माँ बात जरूर उडै दे बल नेता जी मंत्री बणणा छन . उन पांच मंत्री हौर बढ़ाये जाला पण दर्शको तै टीवी माध्यम से लगणो छौ कि पचास ऍम पी मंत्री केन्द्रीय मंत्री बणणा छन . हरेक ऐम पी का दगडया पत्रकारों न खबर दे द्याई बल अलण या फलण ऐम पी मंत्री बणणु च। त नेता जी टीवी समाचारों बान नि दिखणा छया बल्कण मा यांकुण दिखणा छया बल कै ऐम पी कु कु कु पत्रकार ख़ास छन । नेता जी जाणदा छन बल सबि संभावित ऐम पी अपण अपण टेलीफोन का ध्वार इ बैठ्या होला .आज स्याम तक केकुण फोन नि आई त समजी ल्याओ कि पत्ता साफ़ . नेता जीक कज्याणि कबि चा लांणि छे त कबि लिम्बू पाणि . हौर दिन इन उकरांत हूंदी त नेता जीन सुबर इ लिम्बू पाणि मा जिन या व्हिस्की मिलाण छौ पण आज वो इन नि कौर सकदन किलैकि कखी फोन आई अर हाई कमांड क ड्यार सिवा लगाणो जाण पोड़ी गे त सुबेर इ दारु गंध ..? ये मेरी ब्वे ..! नेत्याणि नेता जीक पसंदीदा पक्वड़ बणैक लायी पण नेता जीन एक टुकड़ी चाख पण आज स्वादि नि आई . बात बि सै च जब मंत्री पद कु फोनऔ जग्वाळ ह्वाओ त अमृत बि चाखो त अमृत बि बेसवादी लगदो . नेत्याणि न देखि कि नेता जीक मूड ठीक नी च त वींन वीसीडी मा नेता जीक पसंदीदा गाणा चालु करि दे .. अहा अहा आ जा , आ जा आजा आजा मेरी जान मेरी जान इतना ना तडफा कि निकल जाए मेरी जान अब तो आ जा अहा अहा आ जा , आ जा नेता जीक टक्क त फोन कि घंटी पर लगीं छे . आज त फोन की घंटी मा इ दिव्य गीत छौ , फोन की घंटी मा इ स्वार्गिक संगीत छौ नेत्याणि न नेताजीक मुंड मलासणो स्वाच अर वा नेता जीक नजीक ग्यायी पण नेताजी न वीं तै फण्ड जाणो सैन कार अर नेत्याणि भैर चलि गे। फिर कुछ इ देर बाद नेत्याणि कमरा मा आई . अबै दै वींक हथ पर परोंठा अर मर्चौ अचार की प्लेट छे . नेता जी क जिव्हा जीब पर त मंत्री बणणो ख्वाबो परत छे चढ़ी त परोंठा अर मर्चौ अचार से क्या संतुष्टि होंदी . नेत्याणि अपण सि मुख लेकी परोंठा अर मर्चौ अचार की प्लेट भैर ली ग्यायी . नेता जीन फिर से अपण मोबाइल से जगा जगा फोन कार पण कखि बिटेन बि क्वी सूद भेद नि मील कि नेता जीकुणि फोन आलु कि ना . उना नेत्याणि क पुटुकुंद बि प्रतीक्षा क वजै से च्याळ पोड़णा छया. वीं से नि रयाई अर फिर वा नेता जीक कुठ्ड़ी याने कमरा मा आई . नेत्याणि न पूछि दे ," अबि तलक नि आई ?" नेता जीन रुसैक जबाब दे , ' ये अपणी बुबा की सैणि ! फोन आंदो त मि इखम बैठ्यु रौंद ?" ' अपण बुबाक सैणि हवेलि त तुमारी इ बैणी . मि त किनमजा .." नेत्याणि तै बि उकरांतऐ अर इथगा जग्वाळ करदी करदी गुस्सा छौ चढ्यु . आखिर नेता जी मंत्री बौणल त वींक बि पदोन्नति ह्वेली वा नेत्याणि से मंत्र्याणि बौणि जाली। इथगा मा खास फोन की घंटी बज नेता जीन फोन उठाई . फोन कु स्पीकर ऑन छौ त नेत्याणि न बि फोन की आवाज सूणि . " हेलो नेता जी ! मि हाई कमांड कु पी ए बुलणु छौं . हाई कमांड आपकी पार्टी मा काम करणै लगन अर हाइ कमांड कि स्वामी भक्ति से खुस च। आपकी कर्मठता, अर हाई कमांड भक्ति क हिसाब से आप तै पार्टी प्रवक्ता बणाये गे अर वो बि ख़ास प्रवक्ता जब बि हाई कमांड कु जंवै पर लैंड डील , भ्रष्टाचार का की भगार /अभियोग लगन आप तै बचाव क बान प्रेस कॉन्फ्रेंस करण अर जंवै तै बचाण . बधाई हो !" नेता जीक बगल की कोठी माँ सी डी पर गाणा लग्यु छौ ," जब दिल ही टूट गया तब हम जीकर क्या करें .."

Copyright@ Bhishma Kukreti 28/10/2012