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उत्तराखंडी ई-पत्रिका

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Wednesday, October 24, 2012

अधिकार हमारो - कर्तव्य तुमारो अर अळग मा डेंगू

गढ़वाली हास्य व्यंग्य चबोड़ इ चबोड़ मा अधिकार हमारो - कर्तव्य तुमारो अर अळग मा डेंगू चबोड्या : भीष्म कुकरेती जैदिन भग्यान यश चोपड़ा डेंगू बुखार से भग्यान ह्वेन वैदिन बिटें मीडिया मा बम्ब्याट , ऐड़ाट, भुभ्याट होणि च बल म्युनिस्पैलिटी वळा कुछ नि करणा छन। मीडिया अर हमारी एकी आदत ह्वे ग्यायी बल सरकार कुछ नि करणी च। सरकार एकी काम कौर सकदी कि वा सार्वजनिक स्थानों मा मच्छर पैदा नि हूण द्याओ पण उखम त हमन इथगा कचरा डाळयूँ च कि सरकार त छ्वाड़ो भगवान बि कचरा गंदगी नि फेड सकदु . जगा जगा हमन इथगा कचरा चुलायुं च बल भगवान बी थकी गे अर वैन बि गन्धौ मारन मुख पर इ ना आंख्युं पर बुज्या लगे द्याई त म्युनिस्पैलिटी कर्मचार्युं क्या बिसात कि वो ठीक ढंग से कचरा उठावन ! जब हमन सरा सार्वजनिक जगों तै कचराखाना बणै आल त सरकार क्या कौरी सकदी ? डेंगू मच्छर जखम बि साफ़ पाणि ह्वाओ उखम पैदा हूंद जन कि - गैलन पाणि मा बल्टी पाणि मा टूट्या मुट्या पाणि भांडो मा गमलो पाणि मा एयर कूलरो पाणि मा डेंगू मच्छर इन जगों मा बि पैदा हूंद जन कि भैर पड्यां - बोतलूं पाणि मा कचरौ पाणि मा पेंट का डब्बों पाणि मा टायर पुटुक का पाणि मा खिलौना आदि क पुटुक का पाणि मा पाणि फव्वारों मा जख पाणि क चक्र बंद ह्वाओ आदि आदि टूट्या पाणि मीटरो मा अब एक बात बताओ क्या जू हम अपण ड़्यारम गैलन , कूलर आदिम इनी पाणि जादा दिन तक छोड़िक रखला त हम डेंगू मच्छरों तै नि भट्यान्दा कि हे डेंगू जनानी मच्छर आ इख म्यार ड्यार आवा . हम तुम जनानी डेंगू मच्छरों स्वागतार्थी छंवां; इखम त्वे लैक अंडा दीणो हमन भौत इ बढ़िया इंतजाम कर्युं च कि तुम इख भीतर सुख अर शान्ति से अंडा बि द्याओ अर तुम जनानी मच्छरों तै जब बि प्रोटीन की आवश्कता ह्वाओ सुबेर स्याम हम तै काटो अर हमारो ल्वे चूसो . चूंकि तुम मच्छर मनिखो तरां अहसानफरोस त नि छ्न्वां त हमर ल्वे का बदल मा हम तै डेंगू क वाइरस दे जा जब हम भैर बोतल, कचरा , पेंट का डब्बा, टायर ,टूट्या खिलौना आदि मा भर्यु पाणि क प्रदर्शनी खुलेआम करला त हम बगैर ढोल बजैक डेंगू जनानी मच्छरों तै आवाज नि दीन्दा कि आवा हमर न्याड़ ध्वार ऐक अंडा दे जावा अर सुबेर स्याम हम तै काटिक प्रोटीन की भरपाई हमर खून पेकि कौरो . अतिथि देवी भव की शैली मा हमी जनानी डेंगू मछर्याणि क सेवा खुद करदा अर जब देवी रूपेण डेंगू मछर्याणि हम तै काटिक प्रसाद स्वरूप डेंगू वाइरस दे जांदी अर डेंगू वाइरस की महान कृपा से हम पर डेंगू बुखार कु दिवता ऐ जान्दो त हम सरकार अर म्युनिस्पैलिटी पर भगार /लांछन लगौंदा बल सरकार अर म्युनिस्पैलिटी कुछ नि करणी च . वाह ! डेंगू लाणों बान लाव लस्कर हम जमा करदा अर फिर भगार म्युनिस्पैलिटी पर लगौला त हम क्या न्याय की बात नि करदा ना ? नागरिकों ड्यारम साफ़ सफै रखणो जुमेवारी बि म्युनिस्पैलिटी की होली त ह्वे ग्याई हिन्दुस्तान कु बरख्बान ! अच्काल डेंगू से बड़ी बीमारी हिन्दुस्तान माँ हौरि बि छन जन कि अपण कर्तव्य अर उत्तरदायित्व नि समजण पण अपण अधिकारों बात ऐडे ऐडेक करण . अपण कर्तव्य या उत्तरदायित्व त कतई नि निभाण अर यां से जब नुकसान ह्वाओ त भगार सरकार अर सरकारी महकमो पर लगाई द्याओ . प्रजातंत्र मा समाज को बि कर्तव्य हूंद , समाज कि बि भागीदारी हूंद . डेंगू जू इथगा जोरूं से सौरणु च त यो समाज कि अपणी कमजोरी से फ़ैलणु च अर हम अपणी कमजोरी लुकाणों बान लांछन सरकार पर लगाणा छंवां . यांकी गारेंटी लेखिक दीणु छौं कि जब तलक अधिकार हमारो अर कर्तव्य तुमारो क बाटो पर हम चलणा रौला डेंगू भारत माँ रालु । Copyright@ Bhishma Kukreti 24/10/2012