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उत्तराखंडी ई-पत्रिका

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Thursday, March 22, 2012

डॉ नरेंद्र गौनियाल ki kavita v lekh


*******हे भुली  !!*******
 
डॉ नरेंद्र गौनियाल    
 

गौं का देवता-दीबा -भुम्या रकरके की देखणा
यख कु मन्खी कख सट्गी गे कुछ बता तू हे भुली
पुन्य की या  भूमि  सैरी  खबेसों से च  भरीं
कंस-रावण जन्मी गैनी यी कथा च हे भुली
जौंमा सौंप्यु राज-पाट ह्वैगें निख्वर्य-निर्भगी
खांदा-पींदा कन भुखारा सी ब्यथा च हे भुली
लदवाड़ी दनसट कैरिकैबी ल्यावा-ल्यावा छन बुना
माटु बि  भसगैयाली तौन दून  कत्गा  हे  भुली
देश जात्यों माँ बंटेगे गौं बंटनी  ख्वालों  माँ 
हर्चली  जो भयात  तब क्य होलू हे  भुली 
जोड़दरों का ही हमारा टूकड़ा-टूकड़ा छन कर्याँ
क्वी भग्यान जोड़ी जांदू  कुछ पता दे  हे  भुली ....
 
Copyright@ डॉ नरेंद्र गौनियाल    
 

                                         *******हे बीपीएल नेता तुम धन्य हो !!!*******
 
                                                 ....डॉ नरेंद्र गौनियाल    

हमारे बीपीएल नेता तुम धन्य हो..तुम्हारी माया (संपत्ति ) अपरम्पार है .;फिर भी तुम बीपीएल हो .२रु० किलो गेहूं,३रु० किलो चावल खाकर डकार भी नहीं लेते.देश में बढ़ते भ्रष्टाचार के सामानांतर तुम्हारी सेहत भी बढ़ रही है .तुम काफी मोटे हो गए हो .तुम्हारी खाल भी काफी मोटी हो गयी है .फर्जी ही सही,लेकिन बीपीएल के जरिये तुम्हें बहुत कुछ सपोड़ने का मौका मिल रहा है .गाँव की आंगनवाड़ी पर तुम्हारा कब्ज़ा है .गरीब ,कमजोर,कुपोषण से सूख रहे शिशुओं के बजाय तुम्हारे पशुओं-गाय-भैंस आदि की सेहत सुधर रही है .बाकी किसी पर मेहरबानी कर दो तो वो तुम्हारी मर्जी .वैसे कई फर्जी नाम भी तो चढ़ाये हैं .फर्जी बीपीएल हो तो फर्जी काम तो करोगे ही !.
       धन्य हो बीपीएल नेताजी .! हर विभाग की मलाई चाट रहे हो बढ़ते कॉलेस्ट्रोल का भी ध्यान रखना .ज्यादा मलाई के चक्कर में  कभी अस्पताल में न जाना पड़े.ज्यादा मलाई के दो बड़े खतरे हैं .इस से अस्पताल और जेल दोनों के रास्ते खुलते हैं.बीपीएल नेता तुम धन्य इसलिए भी,क्योंकि तुमने कोई विभाग नहीं छोड़ा.कोई बजट नहीं छोड़ा.कोई निधि नहीं छोड़ी,कोई राहत कोष नहीं छोड़ा.अपनी कुटुम्दारी के सभी सदस्यों के नाम कई-कई बार राहत कोष से लाखों रुपये सपोड़ दिए हैं.अपने चहेतों के लिए भी थोडा-थोडा जुगाड़ कर दिया है.नेतागिरी आगे भी तो करनी है.चुनाव लड़ना है.कमीशन खाकर सरकारी पैसा किसी के गले में डाला रहेगा तो पंचायती चुनाव में काम आयेगा.कई निधियों का लाखों रुपया अपने पेट में डालकर थोडा-थोडा अपने चेलों के मुंह पर भी लपोड़ना तुम्हें खूब आता है.गाड़ी,मकान,जमीन-जायदाद,धन-सम्पति,बैंक-बैलेंस सबकुछ नेतागिरी के कमीशन से बनाकर भी बीपीएल रहना बहुत बड़ी बात है.जहां सचमुच के गरीबों को भी अपने बीपीएल होने में भरी शर्म महसूस होती है.कई तो अपना बीपीएल कार्ड ही नहीं बना पाते.कार्ड बन भी गया तो उसका लाभ नहीं ले पाते.लेकिन तुम धन्य हो.फर्जी बीपीएल के बावजूद बिना शर्म-लाज के पूरे फायदा (गैर फायदा )उठाते हो.तुम्हारा भ्रष्टाचार भवन किसी रंगमहल से कम नहीं है.अधिकारी-कर्मचारी सबको पटाने में माहिर हो.सुरा-सुंदरी का फार्मूला तुम्हे खूब खपता है.चाहे कोई बदनाम हो,तुम्हें तो पास होना है.अपना मतलब हल करना है.तुम कफ़न से भी कमीशन निकलने में उस्ताद हो.बीपीएल नेता तुम सचमुच धन्य हो.                                                  तुम्हारा शुभचिंतक.. लालटेन प्रसाद         


Regards
B. C. Kukreti