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Sunday, December 25, 2011

SatyDev Dubey: A Tribute सत्यदेव दुबे :दुन्या का एक महानतम स्वांगकार /नाटककार


 सत्यदेव दुबे : दुन्या का एक महानतम स्वांगकार /नाटककार
 
        (Tribute To Great Dramtist , महान नाटककार तै पश्त्यौ )
 
 
                          भीष्म कुकरेती
        
 
                      जु गढ़वाळी -कुमाउनी भासौ साहित्यकार, स्वांगकार (रंगकर्मी) अर फ़िल्मकारूं मकसद
कुमाउनी-गढवाळी भाषौ विकास करण च त यूँ तैं कुछ इन करण पोड़ल की जु भैर वाळ बि गढ़वाळी-कुमाउनी
साहित्य/स्वांग/फिलम की छ्वीं लगावन मतबल भैरवाळ बि गढ़वाळी-कुमाउनी की बात कौरन.
अर यांखुणि कुमाउनी -गढवाळी साहित्य कर्मी , रंगकर्मी , फिलमकारुं को भग्यान सत्य देव दुबे क काम काज को
छाण निराळ/ निरीक्षण करण जरोरी च . किलैकि महान मनिखुं छ्वीं प्रेरणा बान भौत काम की बात होंदिन.
यो ठीक च सत्य देव दुबे क काम क्लासिक स्वांग या फिलम बणोऊण मा च पण हम तैं टक्क लगाण चयेंद
बल क्लासिक/नया ढर्रा क साहित्य/स्वांग से इ मास साहित्य अर मास स्वांगूं /फिल्मों निर्माण होंद .गढवाळी -कुमाउनी
भाषौ अन्दाळ/परेशानी या च बल यूँ भाषों मा क्लासिक स्वांग या फिल्मों बारा मा घड़ये/सुचे ही नि जांद.हाँ कबि जब
भगवान् स्वरुप ढौंडियाल का 'अदालत' अर 'मंगतू बौळया' या राजेन्द्र धषमाणा क 'अर्ध ग्रामेश्वर' स्वांग खिले ग्याई छ्या
त बात इ कुछ हौरी छे
             अच्काल अनुज जोशी क 'बाघ' देखिक बुले सक्यांद बल फिल्म कर्मी बि नया ढर्रा की सार्थक फिलम बणाणे कोशिश त करणा इ छन भै!
कुमाउनी-गढवाळी जन भाषों क साहित्यकार/रंगकर्मी/फिलम कर्म्युं तैं सत्य देव दुबे से प्रेरणा ल़ीण जरोरी च .
              सत्य देव दुबे (१९३६-२०११) क्या नि छौ वो एक थियेटर कर्मी, स्वांग लिख्वार; स्वांग करदार / कलाकार; स्वांग निर्माता, फिल्म
लिख्वार, फिल्म स्क्रीन-प्ले लिख्वार; फिलम करदार/कलाकार छयो.
                  बिलासपुर मा जन्म्युं सत्यदेव मुंबई आई त यांक बान छौ बल क्रिकेटर बौणल . क्रिकेट मा सत्यदेव दुबे न क्वी चौका-छक्का
त नि लगेन पण नात्कुं मा खूब धूम मचाई .
              इब्राहिम अलका जी दगड मुंबई मा रंगकर्मी राई अर जब अलका जी दिल्ली ऐ गे त सत्य देव दुबे न अलका जी क
थियेटर ग्रुप से कथगा इ नाटक मंचित करीन.
                सत्यदेव दुबे न गिरीश कर्नाड क ययाति अर हयबदन , मोहन राकेश को आधे अधूरे; विजय तेंदुलकर क लिख्युं खामोश अदालत जारी है , बादल सरकार को एबंग इन्द्रजीत,
पगला घोडा, चन्द्रसेखर कु और तोता बोला अर कत्ति विदेशी भाषाओं क नाटक निर्माण करीन
सत्य देव दुबे क कारण ही धर्म वीर भर्ती कु अंधा युग मचित ह्व़े अर यू नाटक हिंदी टकूं मा एक मील स्तम्भ च.
                    सत्य देव दुबे न मराठी फिल्म 'शांतता कोर्ट चालु आहे ' अर द्वी छ्वटि फिलम अपिरचित विन्ध्याचल अर तंग इन चीक फिलम बि बणेन
सत्यदेव दुबे न निशांत, जूनून अर कलयुग हिंदी फिल्मों का डायलौग लेखिन. अंकुर, भूमिका अर विजेता हिंदी फिल्मुं डायलौग अर पटकथा लेखिन. दुबे न मंडी क पटकथा बि लेखी .
           सत्य देव दुबे तैं पदम भूषण पुरुष्कार बि मील
दुबे तैं कथगा इ हौर सरकारी अर गैर सरकारी पुरुष्कार जन बेस्ट स्क्रीनप्ले , बेस्ट डायलौग अवार्ड बि मिलेन
                   हिंदी क मामला मा दुबे साफ़ छौ की यदि हिंदी राष्ट्रीय भाषा च त हिंदी क ढौळ यूं पी अर एम् पी की ढौळ नि होण चएंद तबी त
सत्य देव दुबे की नाटकूं हिंदी भाषा मा अडगें की/क्षेत्रीय भाषाओं क पुट होंद थौ .
                 अंगरेजी भाषा क मामला मा बि दुबे साफ़ छौ बल अंग्रेजी अब हिंदुस्तान की बिभाशा च त अंग्रेजी मा बि साहित्य/ड्रामा उनि प्रेम से , बौळ(हवस) से
रचे जाण चएंदन जन हम हिंदी, मराठी, कन्नड़ी कन्नादी साहित्य/ड्रामा रचदवां . गिरीश कर्नाड को बुलण छ बल इलै त सत्य दुबे ण अंगरेजी स्वांगु/
नाटकूं निर्माण बि करी
               सत्यदेव दुबे कथगा इ कलाकारून तैं स्वन्गुन मा जनम दे या यूँ नाटककार /कलाकारूं तैं नयो जनम दे जन की अमोल पालेकर,
अमरीश पुरी, सोनाली कुलकर्णी , गोविन्द निहलानी, हिदायत स्वामी आदि .
कत्ति नाटककारूं बुळण छौ बल सत्य देव दुबे अंग्रेज निर्देशक जोआन लिट्टलवूड जन संज्ञान दीन्दन पण दुबे का प्रेमी बुल्दन बल सत्य देव दुबे त बस सत्य देव दुबे छौ
                सत्य देव दुबे तैं पशत्यौ (मरणोपरांत श्रधांजलि) दींद दें हम तै दुन्या क महान नाटक कारुं जन अयेससाइलस, गुआन हँगिंग शेक्सपियर, इस्बन, कालदीरों, लोप वेगा, बर्नाड शौ,
अगस्त विल्सन, बक्केट, चेखव, इस्बन, टेनिसी विलियम्स , एडवार्ड अल्वी , युजिन नील, कैरल चर्चिल, लॉसन, डा टेश ओन्यूइ, भवानी दत्त थपलियाल, स्वरुप ढौंडियाल तैं बि पश्त्यौ (श्रधांजलि) दीण इ चएंद.
  
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