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उत्तराखंडी ई-पत्रिका

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Sunday, September 6, 2015

घुण्डुं अभ्यास याने नी एक्सरसाइज

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                           घुण्डुं अभ्यास  याने नी एक्सरसाइज 

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                         दरदील्या दास्तान -   भीष्म कुकरेती    
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                            मि गैर हिन्दुस्तानी  , यूरोपियनअ  तरां इ ना बल्कण मा पाकिस्तानी आतंकवाद्यूं तरां समय से पैल पौंछि ग्यों।  म्यार अप्वाइंटमेंट छौ ठीक आठ बजिक अर मि समय से पैल साढ़े सात  बजे पौंछ ग्यों।  याने आधा घंटा पैल अर आदतन भारतीय रिवाज से यदि म्यार अप्वाइंटमेंट आठ बजेक हो तो म्यार नंबर साढ़े आठ , नौ बजे से पैल ऐई नि सकद।  तो मि तै डेढ़ घंटा सुदि बैठण पोड।  जवानी का दिनुं मा डेढ़ घंटा प्रतीक्षा कुछ नि हूंद छौ  , अपण गर्ल फ्रेंड की प्रतीक्षा करणो ढब पड़्यूं रावो तो द्वी घंटा की प्रतीक्षा कुछ बि नि लगद। यदि गर्ल फ्रेंड की प्रतीक्षा का ढब नी बि हो तो जवानी मा डे ड्रीमिंग से कथगा इ घंटा उनि तनि सरलता से कट जांदन।  जन जब मि जवान छौ अर राजीव गांधी बि जवान छौ तो जब मीतै प्रतीक्षा करण हो तो मि इंदिरा गांधी का नारा 'गरीबी हटावो ' से प्रेरित ह्वेक मि इम्प्ल्वायमेंट  एक्सचेंज की नाखतम हूण वळि लाइन मा सुपिन देखि सकुद छौ कि हरेक भारतीय गरीबम द्वी कमरा छन अर खाणो खाणा कुण एक महीना की राशन दबलुन्द पड़ीं च।  जवानी मा मनिख कल्पनावादी हूंद।  पर अब बुढ़ापा ऐ गे तो मि उत्तर वास्तविकतावादी ह्वे ग्यों।  अब सुपिन आंद इ नि छन तो थोड़ा सि प्रतीक्षा बि घुणदो तरां बड़ी कष्टदायी हूंद। डेढ़ घंटा की प्रतीक्षा अर फिर घुण्डुं   पर घोर डाउ। 
                खैर प्रतीक्षा खतम ह्वे अर मि तै एक अपडुडेट रिसेप्स्निस्ट भीतर फीजिकल थिरैपी थियटर ली गे।  फिजीकल थिरैपी थियटर वास्तव मा आधुनिक जिमखाना छौ।  भितर द्वी तरां का मनुष्य छया। एक वर्ग तरो ताजा मॉडर्न अपटूडेट युवक -युवतियां  जु वास्तव मा फीजोथिरेपिस्ट छया। सुबेर सुबेर की महक भरी , ताज़ी , रि  हवा छया इ। अर दुसर वर्ग छौ , हड्डी का  रोगी म्यार तरां खंडहर।  
   पिछला एक महीना से मीन अपण घुण्डुं बीस प्रकार से बि अधिक चेकिंग , टेस्टिंग , अल्ट्रा चेकिंग कराइ तब डाक्टरन निर्णय ले कि  मि तै ना म्यार घुण्डुं तैं क्या चयेणु च। इक थिरैपी थियेटर मा बकै बीमार अभ्यास करणा छया अर हरेक या तो एक्सरसाइज करद करद कणाणु  छौ , किराणु छौ या किरणों आवाज रुकणु छौ /छई।  
     एक जवान नारी थिरपिस्टन म्यार मेडिकल चार्ट देखिक ब्वाल ,' ओ आप तै वार्म आप एक्सरसाइज करण "
मि -वार्म आप एक्सरसाइज ?
थैरेपिस्टन अस्वस्त  कार - डरणै बात नी च।  आप यीं एक्सरसाइज तै लगातार दस घंटा बि कर सकदां। 
मि -दस घंटा?
   नारी थैरेपिस्ट- घबराणै जरूरत नी च।  बाइसाइक्लिंग प्रैक्टिस च ।  चूँकि आपक फीस सिरफ एक घंटा प्रतिदिन च तो आप जावो अर समिण की साइकल मा बैठिक दस मिनट प्रैक्टिस कारो। मि साइकल मा चौड़ अर दस मिनट की प्रैक्टिस क्या कौर कि मि तै लग कि मि  दस साल से साइकल चलाणु छौं।  म्यार घुण्डक दर्द तो गायब ह्वे गे किन्तु शरीर का हरेक अंग दर्द क भंवर मा फँस्युं छौ।  थिरेपिस्ट्याणि का कोमल हाथुं , गरम गरम सांसुं अर प्रिय बचनों मदद से   मि सायकल से उतर। थिरेपिस्ट्याणिन एक हवा भर्युं गोळ सि चीज मा पांच मिनट सुस्ताणो आदेश दे।  पांच मिनट बाद शरीर का दर्द तो गायब ह्वे गे छौ पर घुंडौ डाउ फिर शुरू ह्वे गे छौ।  
 फिर वीन मि तै एक जगा मा पड़ाळ अर कुछ एक्सरसाइज करणो ब्वाल।  वा अपण टैबलेट मा म्यार प्रोफाइल देखिक मि तै हिदायत दीणी छे अर मि एक्सरसाइज करणु छौ।  घुण्ड मोड़ो , खुट अळग कारो , एड़ी हलायां बगैर खुटुं अंगुळी हलावो , कमर उठाओ पर मुंड अर खुट नि उठाओ अर पता नि क्या क्या। अर दर्द से म्यार इन कुहाल छौ कि शरीर तो थिरैपी थियेटर मा छौ पर म्यार मन संज्ञा शून्य हुयूं छौ। 
अब हैंकि थिरेपिस्ट्याणि ऐ गे छे।  वींन मी तै खड़ो हूणों ब्वाल अर कुछ एक्सरसाइज करैन।  यदि मि जवान हूंद छौ तो मीन एक्सरसाइज करण छोड़िक इक बिटेन भाजी जाण छौ।  पर म्यार घुण्ड की बुरी हालत छे तो मि भगण त राइ दूर ठसक बि नि सकुद छौ। 
 फिर एक मेल थिरैपिस्ट मि तैं भारोत्तोलन थियटर मा (धीरे धीरे ) लीग।  उख तराजू अर बाटूँ खेल से मीन एक्सरसाइज कार।  कबि बजट अळग जावो तो म्यार खुट गद्दा मा रावो , कबि बाट गद्दा का सीद मा रावो तो म्यार खुट भौत अळग़ अर कबि बाट अर खुट एकी समांतर सीड मा। उफ़ !   दर्द ? संसार मा अबि तलक इन भाषा बण  इ नी च कि मि अपण ये दर्द की वास्तविक अभिव्यक्ति कौर सौकु। 
 अब नई थिरेपिस्ट्याणि मि तै एक दुसर कमरा मा लीग अर उख म्यार घुण्डुंका गरम शेक करे गे।  फिर उखि वींन कनफणी सि एक्सरसाइज कराइ। 
फिर मि एक हैंक कमरा मा औं अर उख म्यार घुण्डुं पर आइस ट्रीटमेंट ह्वे।  आइस याने बरफ।  बरफ बचपन मा , युवापन मा  या फिल्मों मा इ अच्छो लगड़।  जब घुण्डुंमा दर्द हो तो बरफ बि भट्टी लगद।  दस मिनट का आइस ट्रीटमेंट वास्तव मा मि तै ह्यल्ल ट्रीटमेंट याने नरक का अभ्यास लग। 
 अब अंत मा एस्कोर्टिंग नर्स आई वींन ब्वाल - सर अब आप एक हफ्ता बाद शुक्रबारो कुण एइ समय पर आवो।  हमन आपक ईमेल से घौरौकुण एक्सरसाइज करणो चित्र सहित इन्सट्रक्सन भेजी ऐन।  अंग्रेजी अर तमिल द्वी भाषा मा इन्सट्रक्सन भेजी आलिन। 
मीन पूछ - तमिल मा इन्सट्रक्सन ?
एस्कोर्टिंग नर्स - आप कुकरेती छन ना ?
मि -हाँ। 
नर्स - तो पार्थसारती , सत्यमूर्ति , मूर्ति जन कुकरेती बि साऊथ इंडियन   ?
मि -जी मि साऊथ इंडियन नि छौं  . हिंदी स्पीकिंग छौं। 
नर्स - ठीक च हिंदी मा बि इन्सट्रक्सन भेजी द्योला। 
फिर मि तै द्वी मरद एस्कोर्टर मेरी कार मा छोड़िक ऐन।  अर मि घौर औं। 
अबि बि मि कुछ हौर लिखण चाणु छौ पर म्यार सुबेरौ एक्सर्साइजौ  समय ह्वे गे। 
उन म्यार  डाक्टरन ब्वाल बल यदि मि जिंदगी मा हर दिन दस मिनट एक्सरसाइज करणु रौंदु तो मि तै बुढ़ापा मा एक्सरसाइज करणै जरूरत इ नि पड़न छे।  पर अब त चणा बेसण बण गे अर बेसण दुबर चणा नि बणद।    

 



  5/9  /15 ,Copyright@ Bhishma Kukreti , Mumbai India 
*लेख की   घटनाएँ ,  स्थान व नाम काल्पनिक हैं । लेख में  कथाएँ चरित्र , स्थान केवल व्यंग्य रचने  हेतु उपयोग किये गए हैं।
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