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उत्तराखंडी ई-पत्रिका

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Tuesday, July 8, 2014

पटवार्युं शारीरिक विकास

घपरोळया , हंसोड्या , चुनगेर ,चबोड़्या -चखन्यौर्या -भीष्म कुकरेती      
                     
(s =आधी अ  = अ , क , का , की ,  आदि )


 अचकाल सब बुल्दन बल नौकरी हो तो पटवारी की , सरैल बि बढ़दो, जेब बि बढ़दी अर देहरादून मा जमीन बि बढ़दी। 
बात हंड्रेड डॉलर (सोळ अन  ) सही च। वु जब पटवारी भर्ती हूणों मौखिक अर शारीरिक जांचौ इमतान दीणो जांद तो दूध अर क्याळा खैक जांद कि कखि अंडर वेट नि ह्वे जा अर जनि पटवारी बणद त एक मैना बाद डाक्टर बुल्दन बल अपण डाइट कंट्रोल करो , निथर तुमर शरीर देखिक भैंस सर्माण मिसे जाल अर पटवारीक जबाब हूंद बल डाक्टर साब ! कंट्रोल ही नही होता !
जु शरीर थोड़ा से बथौं से हलकण बिसे जांद छौ वु पटवारी बणद ही वै सरीर से अब बथौं की शुरुवात हूण मिसे जांद। 
जैक पटवारी बणन से पैल आँख कुचम्यारा जयां रौंदन वैक आँख  पटवारी की कुर्सी पांद ही भैर आण बिसे जांद। जब वु पटवारी नि छौ त 'पेट -पीठ हो गए एक' कु उदाहरण छौ अर अब पटवारी बणनो बाद वु ' पेट -पीठ बन गए ढोल' कु उदाहरण च। 
जु कबि दुबल जन पतळो दिखेंद छौ वु पटवारी बणनो एक मैना बाद पर्या जन म्वाटु ह्वे जांद अर वैक मोटाई कु आदि व अंत बि नि मिल्द।
जु इंटरव्यू दीण जांद दैं  झिल्ली पैंट पर दु दु कमर पेटी बाँधदो छौ , पटवारी बणनो बाद वैक लद्वड़ हर मैना इथगा बढ़द कि टेलर मास्टर अपण दुकान पटवारी ड्यारम ही खोलि दींदु अर  हर हफ्ता पटवारी कुण नई  पैंट कमीज सिलणु रौंद। 
जै तैं पंद्यरि खिचड़ी बि पचाण मुश्किल ह्वे जांद छौ वु अब पटवारी पोस्ट पाणो पश्चात हर तरह की करेंसी तक पचै लींदु।
जै तै कलेऊ रुटि की टरकणी रौंदी छे वैक नास्ता मा दाखिल खारिज चलाण वाळु भेंट स्वरूप अंडा - ऑमलेट , ब्रेड बटर हूंद।
छुट मा जै तै पता ही नि रौंद छौ कि लंच नसीब होलु कि ना वै पटवारी तैं लंच मा मनरेगा का ठेकेदार बुगठ्या खलांद , भू संरक्षण ठेकेदार हिरन की बिरयानी ऑफर करद तो पटवार्युं स्वास्थ्य लाभ हूण ही च। 
जैक ब्वै वै तै रातौ खाणक की जगा कथा सुणैक सिवाळ दींदी छे अब वै पटवारी तैं ग्राम प्रधान , ब्लॉक प्रमुख आदि बगैर  सुंगरौ  शिकार खयाँ सीण नि दींदन। 
जैक ब्वै छुट मा वैकुण बालजीवन घुटी लीणो सरा गां मा फिरदी छे अब वु पटवारी बगैर बिदेसी दारु की घुट्टी लगयां कैक शिकायत तक नि सुणद। 
जैमा गां मा सग्वड़ नि छौ वैक पटवारी बणनो बाद देहरादून -कोटद्वार मा बड़ा बड़ा फार्म हाउस बण जांदन। 
गांऊं मा विकास की रफ़्तार का साथ साथ पटवारी जीक बैंक बैलैंस अर लद्वड़ि बि बढ़दि जांदी। 
क्षेत्र मा विकास का पैमाना पटवारी जीक लदोड़ी  , फार्म हाउस की लम्बाई -चौड़ाई से पता चलदो कि क्षेत्र मा विकास की गाड़ी कै रफ़्तार से चलणि च। 
 


Copyright@  Bhishma Kukreti  8 /7 2014   
    

*लेख में  घटनाएँ , स्थान व नाम काल्पनिक हैं । 



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