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उत्तराखंडी ई-पत्रिका

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Friday, July 25, 2014

टमाटर एकता जिंदाबाद

घपरोळया , हंसोड्या , चुनगेर ,चबोड़्या -चखन्यौर्या -भीष्म कुकरेती      
                     
(s =आधी अ  = अ , क , का , की ,  आदि )

जुलाई 2014 कु पैल हफ्ता मा टमाटर असोसिएसन की एक अर्जेंट मीटिंग सब्जी मंडी मा ह्वे छे।  वांक आंख्युं दिख्यां हाल इ च 
टमाटर असोसिएसन की अत्यावश्यक बैठक मा बैनर अर पोस्टरुं मा नारा छयो - हमारा एकहि ध्येय - आलू -प्याज से आगे बढ़ना ।  अपनी आन और शान के लिए हम सड़ने को तैयार ! 
संचालक पीलु टमाटर - सभी टमाटर असोसिएसन  सदस्यों से विनती च कि मनिखों तरां बेवजह भाषण से समय बर्बाद नि हूण चयेंद।  कृपया कोई भी टमाटर हमें ना तो पकायेगा ना ही सड़ायेगा याने अपण भाषण छुट  राखो। 
हौरु टमाटर - एक जमानो छौ जब हम टमाटरुं बड़ी पूछ छे।  क्वी हफ्ता -मैना मा सब्जी -भुज्जि -दाळ मा टमाटर डाळदु छौ त सरा गां , सरा कस्बा मा हल्ला ह्वे जांद छौ कि फलणन दाळ मा टमाटर डाळ , अलणन भुज्जि  टमाटर से छौंक।  टमाटर माने मनिखों रूतबा !
पीलु टमाटर - सोलोमेसी फोक स्टोरी से पता चल्द कि तब अल्लु -प्याज की क्वी गणत नि छे। एक फोक सेइंग से पता चलदो कि दिल्ली का गढ़वाली साहित्यकार अबोध बंधु बहुगुणा और प्रेम लाल भट्ट से इलै चिरड्यान्द छया कि गढ़वाली साहित्यकार ह्वेक बि बहुगुणा जी अर भट्ट जीक परिवार भुज्जि मा टमाटर डाळदन अर मेमानुं स्वागत पकोड़ी अर टॉमेटो कैचप से करदन। एक लोककथा से पता चलद कि गढ़वाली साहित्यकार ललित केशवान अपण गढ़वाली साहित्यिक मेमानो तैं अशोक होटलमा टॉमेटो सलाद खलांद छा अर फिर यी साहित्यकार सब जगा बुलणा रौंद छा कि हम तैं छुट -मुट नि समजो  हमर  बि टॉमेटो सलाद खयूं च।  इथगा रौब दाब छौ हमारू। टमाटर खाण माने इज्जत कमाण।  
अधलालु टमाटर - आज हमर बुरा हाल छन। पिछ्ला पंद्रा सोळा सालुं से मीडिया मा  , लोकसभा -विधान सभाऊँ मा , बस मा , चाय की चौपालुं मा , रेल मा , हड़ताल मा , व्यंग्य मा केवल एकी छ्वीं रौंद कि प्याज मंहगा ह्वे गे , प्याज मैंगो ह्वे गे।  प्याज इथगा महत्वपूर्ण ह्वे गे कि प्याज से कथगा इ सरकार चुनाव हार गेन।  प्याज का समिण हम टमाटरुं छ्वीं नि लगदन।  जब टीवी या अखबारुं मा आंद कि प्याज ने जनता और सरकार को रुलाया तो जौळs  से , ईर्ष्या से हम टमाटर पिचिक जाँदा अर ज्यादातर शरम से हम लाल-पीला  ह्वे जांदवां। 
चेरी टमाटर -आज हमे भी जनता और सरकार को रुलाना होगा। 
अदपकोळ टमाटर -हाँ हमर बि टीवी अर अखबारुं मा हेडलाइन आण चयेंद कि टमाटर सौ रुपया किलो !, टमाटर ने जनता को चूसा ! टमाटर से नरेंद्र मोदी  की नींद हराम ! टमाटर ने राहुल गांधी को लोकसभा में नींद से जगाया ! सोनिया के गालों में फिर से लाली आयी और स्मृति ईरानी के गाल पीले हुए ! 
चिमड्या टमाटर - हम सब चाणा छंवां कि हम सरकार की नींद हराम कौंरां अर विरोधी   पारट्यूं जुंगौं पर ताव दिवाँ।  किन्तु यी कनकै संभव ह्वे सकुद ?
ब्रैंड वाइन टमाटर - द्याखो ये बार भारत मा मानसून देर से आई तो यही मौक़ा च कि हम जनता की टीक तोड़ां 
पॉल रॉबिन्सन टमाटर -हाँ हाँ पैल तो हम तैं जमाखोर काळा बजारियों , सटोरियों , गैर मुनासिब मुनाफाखोरों की मदद से हम टमाटरों की शार्ट टर्म होर्डिंग से बजार मा शॉर्टेज पैदा कराण पोड़ल।  शार्ट टर्म होर्डिंग से इन स्थिति पैदा हूण चयांद कि खेत बि खौंळे जावन , चकित ह्वे जावन कि अचाणचक छौंद टमाटर ह्वेक बि टमाटर कनै अर कख हर्ची गेन ? 
चिरोक पर्पल -फिर हम तैं टीवी का हाहाकारी संवाददाताओं की सहायता लीण पोड़ल।  जनि टीवी वाळ बंब्याट कौरिक दिखाल कि मुंबई मा टमाटर पचास रुपया किलो बिकणा छन तो पटना मा जु टमाटर बीस रुपया किलो बिकणा होला वु टमाटर पचास रुपया ह्वे जाल तो देखादेखी या सुणन से कोचीन मा टमाटर साठ रुप्या किलो ह्वे जाल अर जब टीवी वाळ कोचीन की न्यूज द्याल तो अफिक दिल्ली मा टमाटर सौ रुपया कीलो ह्वे जाल।  टीवी वाळु ब्रेकिंग न्यूज से भारत मा हर जगा एकी छ्वीं लगल कि टमाटर मैंगा ह्वे गेन अर इनमा टमाटर सबज्युं राजा ह्वे जाल। 
मार्वल स्ट्राइप - दिस स्ट्रेटेजी इज मार्वेलस ! बढ़िया कारगर रणनीति ! काळा बजारियों कुकर्म अर टीवी वाळु ऐड़ाण से अवश्य ही हम टमाटर अमृत से भि मंहगा ह्वे जौंला अर तब ही हम प्याज को अंहकार -घमंड तोड़ी सकदवां। हम सब्युं तैं काळा बजारियों अर टीवी वाळुं से मदद मांगण चयेंद कि हम तैं मंहगा कारो। 
माइक्रो टॉम टमाटर -हाँ मंहगाई लियाज से प्याज पर बिंडी चर्बी चौड़ गे छे।  अबकी बार मोदी सरकार और जनता पर टमाटर की मार जन नारा लगण चयेंद। 
टमाटरुं  सबि सौ जात्युं प्रतिनिधि - हाँ हाँ !  बकी बार मोदी सरकार और जनता पर टमाटर की मार ! जै गैरमुनाफा कु लोभ ! जै कालाबजारी ! जै जमाखोरी !  जै सेंसेनल न्यूज मेकर्स !


Copyright@  Bhishma Kukreti  25 /7 2014   
    

*लेख में  घटनाएँ , स्थान व नाम काल्पनिक हैं ।

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