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उत्तराखंडी ई-पत्रिका

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Thursday, July 3, 2014

श्रेष्ठि लोग किलै चपड़ासी जीक ट्रांसफर रुकवाणा छन ?

 घपरोळया , हंसोड्या , चुनगेर ,चबोड़्या -चखन्यौर्या -भीष्म कुकरेती      
                     
(s =आधी अ  = अ , क , का , की ,  आदि )

जनि इलाका मा खबर फैल कि सुदामा चपड़ासी की बदली वास्ता प्रिंसिपल साब अनुमोदन करण वाळ छन कि इलाका का ग्राम प्रधान अर श्रेष्ठि जन अपण आवश्यक काम छोड़िक  दौड़- दौड़ि   विद्यालय पौंछि गेन। 
सबि भद्र जनुंन प्रधानाचार्य से विनती कार कि इलाका मा छात्र कल्याण का वास्ता सुदामा जन शिक्षा कर्मचारी ये विद्यालय मा रौण अत्त्यावश्यक च। 
ग्राम प्रधानुं अर श्रेष्ठि जनुं मानण छौ कि यदि सुदामा चपड़ासी जीक बदली ह्वे गे तो विद्यार्थ्युं अणभर्वस ह्वे जाल, छात्रों भविष्य अन्धकारमय ह्वे जाल , सुदामा जी नि राल त स्कुलौ शिक्षा स्तर घटि जाल  अर सुदामा जी की अनुपस्थिति परीक्षाफल पर बुरु असर बि डाळ सकुद। 
अपरोक्ष रूप से श्रेष्ठि जन प्रिंसिपल साब तैं धमकी देक गेन कि यदि सुदामा चपड़ासी बदली ह्वेलि तो फिर देखि लेन तुमर क्या कुहाल हूंदन धौं.
प्रधानाचार्य इलाका का श्रेष्ठि जनु अजीब व्यवहार से खौंळयाणा छया।  कुछ दिन पैल यूं श्रेष्ठि जनुंन एक अनुशासनप्रिय , नकल से चिरड्याण वाळ मास्टर सत्या जीक ट्रांसफर करायी अर आज निकज्जो सुदामा चपड़ासीक सहायता मा सब एक ह्वेक सुदामा की बदली रुकवाणा छन ?
प्रधानाचार्य तैं यीं स्कूलम अयां छै मैना इ ह्वे छा। 
ग्राम प्रधान अर इलाका श्रेष्ठि जनुं जाणो बाद प्रधानाचार्य जीन बुजुर्ग अर अनुभवी क्लर्क रति लाल जी तैं बुलाई अर आश्चर्य जताई कि सुदामा चपड़ासी कु छात्रों परीक्षाफल अर शिक्षा स्तर से क्या संबंध ?
बुजुर्ग अर अनुभवी क्लर्कन खुलासा कार।  एक त सदमान आस पास का हरेक गाँव वाळ से कर्ज लियुं च।  दुसर सुदामा चपड़ासी विद्यार्थ्युं वास्ता नकल करणो पर्ची हि नि बणाद अपितु छात्रों नकल करण मा सबि तरांसे सहायता बि दींदु अर परीक्षाफल अब्बल लाण मा छात्रों व  स्कूलों मदद करद। 
प्रधानचार्य कुछ नि बोल सकद छा किलैकि आंदो आंद सुदामा चपड़ासीन प्रधानाचार्य से द्वी हजार रुपया उधार ले ले छा।  अपण , लोगुंक उधार बौड़ाणो वास्ता अर स्कूलौ  अब्बल परीक्षाफल की कामना हेतु प्रधानचार्य जीन सुदामा चपड़ासी जीक तबादला अनुमोदन रोक दे। 




Copyright@  Bhishma Kukreti  4/7 /2014   
    

*लेख में  घटनाएँ , स्थान व नाम काल्पनिक हैं । 

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