उत्तराखंडी ई-पत्रिका की गतिविधियाँ ई-मेल पर

Enter your email address:

Delivered by FeedBurner

उत्तराखंडी ई-पत्रिका

उत्तराखंडी ई-पत्रिका

Tuesday, September 8, 2009

"अंग्रेजी का आकर्षण"

एक पुत्र पिता के पास,
भागता हुआ आया,
झट से अपना अंक पत्र,
उनके हाथ में थमाया.

पिता ने अंक पत्र देखा,
तुंरत पुत्र को बताया,
दुःख की बात है बेटा,
सबसे ज्यादा अंक हिंदी में लाया.

पुत्र पिता से से बोला,
इसमें दुःख की क्या बात है,
हमारा देश आज़ाद करने में,
हिंदी का बड़ा हाथ है.

रहा होगा, आज नहीं,
अब तो अंग्रेजी का बोलबाला है,
नेता, अफसर, प्रधानमंत्री,
कोई भी हिंदी में बोलने वाला है.

पुत्र बोला, पापा भूल गए,
बाजपेई जी तो हिंदी में बोलते थे,
बोलते हुए एक एक शब्द को,
पहले ह्रदय में तोलते थे.

बोलते होंगे, लेकिन तू अंग्रेजी में,
हिंदी से कम अंक है लाया,
लगवा देता अंग्रेजी का ट्यूशन,
तूने मुझे नहीं बताया.

देख बेटा, अंग्रेजी के अच्छे ज्ञान के बिना,
तू एक सम्मानित व्यक्ति नहीं बन पायेगा,
मान ले मेरी बात, नहीं तो २१वीं सदी में,
तू सबसे पीछे रह जायेगा.

Copyright@Jagmohan Singh Jayara"Zigyansu"......25.8.09
E-Mail: j_jayara@yahoo.com, (M)9868795187