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उत्तराखंडी ई-पत्रिका

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Monday, November 23, 2015

लाचार बाघ ( वीणा पाणी जोशी की विचारोतेज्जक कविता )

Modern Garhwali Folk Songs, thought provoking  Poems

लाचार बाघ वीणा पाणी जोशी की विचारोत्तेजक  कविता )
रचना --  वीणा पाणी जोशी   ( जन्म  - 1937  देहरादून   ) 

Poetry  by - Veena Pani Joshi 
( विभिन्न युग की गढ़वाली कविताएँ श्रृंखला )
-इंटरनेट प्रस्तुति और व्याख्या - भीष्म कुकरेती

बाघ लग्युं
बस्त्युं मा
ज्युंदा मनखी बूकौणू
मनखी मेस्युं जंगलूँ मा
बाघा बांस बूकौणू
स्यूं जंगलूँ
स्यूं जीव -जन्तुं
बुग्याळ तक घुळणू
बाघ लाचार
पापी पेटे खातिर
मनखी धिक्कार
अति लोभै खातिर
मुंड पर
मत्थी वळो  कु
वरद हाथ पैकी

 


-
( साभार --शैलवाणी , अंग्वाळ )
Poetry Copyright@ Poet
Copyright @ Bhishma Kukreti  interpretation if any