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उत्तराखंडी ई-पत्रिका

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Tuesday, December 8, 2015

विजय बहुगुणा : ना तीन मा ना तेरा मा

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                  विजय बहुगुणा :   ना तीन मा ना तेरा मा 

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चबोड़ , चखन्यौ , चचराट   :::   भीष्म कुकरेती    
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 ब्याळि मि अपण स्कूल ग्यों तो मास्टर जी बच्चों से मुहावरा उपयोग का प्रश्न पुछणा छया। 
मास्टरजी - तो बच्चो आज अंक गणित से जनित मुहावरों का उदाहरण  द्यावो - बोल बै घ्याळु उदाहरण दे। 
मूर्ति - घ्याळु दा तै गणत मा इ नि ल्यावो जी 
मास्टर जी - अच्छा त्वी बता कि नंदू का बारा मा क्या खयाल च ?
मूर्ति - नौ मण नंदू कौंक खावन अर नंदू कौंक मा छांचिक जावन ! हाहाहा 
मास्टरजी - बोल बै बीरू।  कपिल सिब्बल अर सुब्रमणियम स्वामी का बारा मा त्यार क्या विचार छन 
बीरू - द्वी छक्का पंजा का जांबाज छन। 
मास्टर जी - धीरू बोल तृणमूल कॉंग्रेस अर साम्यवाद्यूं  का संबंध कन छन 
धीरू - तृणमूल कॉंग्रेस अर साम्यवादी छत्तीस का आंकड़ा छन। 
मास्टर जी - सीरु ! कॉंग्रेस अर भाजपा का आपसी लड़ाई से जनता का क्या हाल छन ?
सीरु - दो पाटुं  बीच साबुत बचा ना कोय 
मास्टर जी - चैतु   ! आम आदमी  पार्टी का खास पैचाण  क्या च?
चैतु  - कै पर बि अभियोग लगैक नौ द्वी ग्यारा ह्वे जाण। 
मास्टर जी - सौणा ! जब नीतेश , लालू यादव अर मुलायम सिंग मिलन तो क्या बुले जांद ?
सौणा -तीन तिगाड़ा काम बिगाड़ा 
मास्टर जी -भद्वा ! मेहमान संबंधी मुहावरा बोल। 
भद्वा - एक दिन का मेहमान तीन दिनों बेईमान। 
मास्टर जी-  मंगसिरु ! एक पंथ .... मुहावरा पूर कर 
मंगसिरु - एक पंथ द्वी काज। 
मास्टर जी -फगुण्या ! अँधेरी रात संबंधी मुहावरा बोल 
फगुण्या - चार  दिनुं की जुन्ख्याळी रात अर फिर उनि अँध्यारी रात !
मास्टर जी - बैसाखू ! एक मंत्री पद  अर सत्तर विधायक ?
बैसाखु - एक अनार सौ बिमार। 
मास्टर जी - जिठ्वा ! कँजूसी कुण क्या बुल्दन ?
जिठ्वा- एकेक कौड़ी दाँतन पकड़न। 
मास्टर जी -कतिकु ! भैंसक गुस्सा मकड़ा पर ?
कतिकु - एक जुरम कारो अर दुसर डंड भारो। 
मास्टर जी - मघ्वा ! नेता जनता की आवाज का दगड क्या बर्ताव करदन ? 
मघ्वा - एक कंदुड़णन सुणन दुसर कंदुड़णन भैर गाडी दीण 
मास्टर जी - मंगळु ! नेता लोग चुनावी समौ पर क्या भाषण दींदन ?
मंगळु - एक की चार लगांदन। 
मास्टर जी - बुद्धु धू ! कॉंग्रेस , भाजपा , समाजवादी पार्टी , जनता दल आदि क्या छन ?
बुद्धु - सब राजनीतिक दल एकी थैला का चट्टा बट्टा छन। 
मास्टर जी -रवि ! नेता कन हून्दन ?
रवि - झूठ बुलण मा एक से बढ़कर एक 

मास्टर जी -अषाढु ! विजय बहुगुणा का गढ़वाल मा क्या स्थिति च ?
अषाढु - ना तीन मा ना तेरा मा 


8/12 /15 ,Copyright@ Bhishma Kukreti , Mumbai India 
*लेख की   घटनाएँ ,  स्थान व नाम काल्पनिक हैं । लेख में  कथाएँ चरित्र , स्थान केवल व्यंग्य रचने  हेतु उपयोग किये गए हैं।
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