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उत्तराखंडी ई-पत्रिका

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Tuesday, February 3, 2009

पुराने उत्तराखंडी गीत

पुराने उत्तराखंडी गीत

"रामी".....(बलदेव प्रसाद "दीन")


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"बीरा"........(जीत सिंह नेगी)

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"सतपुली"......रचियता..अज्ञान्त

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अपने पहाड़ का चिरपरिचित गीत "मोती ढ़ागूँ" अपने बचपन की याद दिला देता है.....किलैकि रामलीलाओं मां यू टकळेर गीत कू मंचन होन्दु थौ......मोती ढांगा फर अगर गीत बणि त जरूर रै होलु.... श्री भीष्म कुकरेती जी को पुराने गीतों की की बहुत याद आ रही है ......कोशिश करूंगा और भी पुराने गीत प्रस्तुत करने की.....खोजिक-खोजिक अर् पूछि-पूछिक....

"मोती ढ़ागूँ" कवि.....अज्ञांत


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रचनाकर अग्यांत.....पहाड़ में मैठाला कहाँ है जरूर बताएं.....ऐसा लगता है रचनाकार मैठाला गौं के हों....
रामलीलाओं में इस गीत को गाया और मंचन किया जाता था......

"मदुली रुमा झूम"