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उत्तराखंडी ई-पत्रिका

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Monday, January 2, 2012

Different Toys for Different Purposes


कुतगळी अर खैड़ाs कटांग
              हे! खिल्वणि : तेरा कथगा रूप ?
(Garhwali Humour, Garhwali Satire, Humour and Satire from Uttarakhandi Languages,
Satire and Humour in Himalayan Languages)
                       भीष्म कुकरेती
खिल्वणि काम बौगाण  होंद . खिल्वणि आजी ना पुरण जमानो मा बि छया.
खिल्वणि बच्चों ह्वेन या बूड दुयूं तैं पसंद आंदो. हाँ खिल्वणि क ढांचा समौ, जगा, ,
अर वर्ग को हिसाब से , भौं भौं का प्रकारअलग अलग रूप होन्दन. ढुंग जुग/पाषाण युग की
खिल्वणि आज बूड या बच्चों तैं रास त ना अली पण जु यि खिल्वणि म्यूजियम मा राली
त सब्युं तैं रौंस देली , हरेक खुणि मजा की बात ह्वेली .
 
खिल्वणि कै बि जुग की ह्वावन पण छ त 'हैब्स अर हैब्स नॉट ' भेद करणे निसाणि.
हरेक जुग मा खिल्वणि बर्ग भेद (क्लास डिफरेन्स ) करण मा कामयाब राई च . राजा अर राजकुमार
हाथी मा बैठिक हाथी , शेर , गैंडा तैं खिल्वणि जाणिक यूँ जानवरूं शिकार करदा छा त गरीब गुरबा
चखुली तैं खिल्वणि मानिक पथरों न शिकार करदा छा. कती लोक स्याळ , कुरस्याळऊँ दगड
प्रतिस्पर्धा करदा छा अर सौलु तैं खिल्वणि समजिक सौले शिकार करदा छा.
 
हमन त बाळपन मा खिल्वणि द्याख नी छे हाँ म्यार गौळउन्द एक अज्वाणे (अजवाइन )
की थैली लटकी रौंदी छे . अज्वाणे वा इ थैली खिल्वणि बि छे अर पथ्य बि छे. जब हम रूस्वड़ ब्वालो या
बेडरूम ब्वालो क भितर रौंदा था त भांड कूंड, लुट्या (वो बि एक) , गिलास या थाळी इ हमकुण
खिल्वणि छया . भैर चौक मा जु बि माटो , गारो या कठग छया खिल्वणि छया. जौंका ब्व़े -बाब
जरा समजदार या ब्यूँतदार छया त ओ अपण छ्वटों कुण रिंगाळ की पिंपरी बणेक दीन्दा छया .
जरा बड़ होण पर हम अपण पाटी, बुळख्या अर कम्यड़ू तैं इ खिल्वणि समजिक खेल करदा छया.
प्याजौ बगत पर प्याजौ डंकुळी से पिंपरी बजान्दा छया. हमर बगत मा बस यो ही खिल्वणि छया.
अब त खिल्वणियूँ मा बि भौत विकास ह्व़े गे . अब त मनोविज्ञान का हिसाब से
खिल्वण अर खिल्वणि बणना छन. अर इलेक्ट्रोनिक टॉयज को त क्या बुन ! हाँ गरीबुं खुणि
प्लास्टिक का खिल्वणि अर मातबरूं / अमीरुं खुणि मनोविज्ञान का हिसाबन खिल्वणि उपलब्ध छन .
खिल्वणि खाली बच्चों खुणि इ नि होन्दन बल्कण मा राजनीति का खल्यण /खलिहान
मा तक बैक (प्रौढ़) जनता कुणि बि खिल्वणि इजाद करे गेन अर रोज इ असंख्य खिल्वणि
राजनीति कबौण मा कुल्चर करे जान्दन.
मि तैं याद च जब उत्तरप्रदेश मा पर्वतीय मंत्रालय खुली छौ त भग्यान शिवा नन्द नौटियाल
न धाई लगैक , किरैक, फडेक , ऐड्याट भुभ्याट कौरिक बोली छौ , "उ.प्र. सरकार ने पहाड़ियों को
पर्वतीय मंत्रालय डे कर झुनझुना पकड़ा दिया है." शिवा नन्द नौटियाल तैबारी विरोधी पार्टी मा छया
त पृथक पर्वतीय मंत्रालय तैं खिल्वणि बतायी .पण जै तैं बि जब बि पर्वतीय मंत्रालय की
खुर्सी मील वो बड़ो उलारी / उत्साही भौण मा बुल्दु छौ, " पर्वतीय मंत्रालय खिल्वणि नी च बल्कण मा
पहाड़यूँ बान रसगुल्ला च, गुलाबजामुन च, अरसा च, रसमलाई च, अरे राजभोग च ."
इथगा मा शिवा नन्द जी औडळ बीडळ ल्हैका बोल्दा छया , " हाँ पृथक पर्वतीय मंत्रालय राजभोग त छें
च पण वैखुणि जु पर्वतीय मंत्रालय को मंत्री बौण." विरोध अम छया त नौटियाल जी न इन बुलणि छौ
हाँ पर एक बात सत्य च जु पर्वतीय मंत्रालय का मंत्री -संतरी रैन वूं खुण पृथक पर्वतीय मंत्रालय
राजभोग इ राई अर पहाड़ी जनता खुणि पृथक पर्वतीय मंत्रालय खिल्वणि ही राई. उन दिखे जाओ त
पृथक उत्तराखंड राज्य बि अब पहाड़यूँ बान झुन झुना इ साबित हूणु च. हाँ ! खिल्वणि ज़रा बडी च .
अच्काल क्या आजादी मिलणो उपरान्त डिल्ली मा अर प्रदेसुं राजधान्युं मा रोज नी बि हवाव्न त
सैकडाक कमीसन बैठाए जांदा होला . अर कमीसन क्या खुणी की मंत्री न घूस खायी की ना , जनता की
क्या क्या परेशानी छन , बाढ़ किलै आन्द अर रुड़ी मा पाणी क किल्लत किलै हूंद. इख तलक कि
विधान सभा परिसर का आस पास कुत्ता किलै टंगड़ उठान्दन जन विषयूँ पर कमीसन बैठदा छन.
राजनीति क चौक / परिसर मा कमिसन बैठाण कुछ नी च बलकण मा जनता तैं
बौगाणो 'जिग्सौ पज्जल' च कमीसन अपण काम टैम पर करदो नी च अर जनता आस मा इ बौगीं रौंदी
राजनीति मा कमिसन बैठाण मतबल लोगूँ तैं कैबेज पिच किड्स कि खिल्वणि दीण कि लोग बौग्याँ
रावन .
जब लोक परेशान ह्व़े जान्दन अर आतुर्दी मा आन्दोलन करण बिसे जान्दन त सरकार क्वे कमिसन नाम क
कैलिडोस्कोप जन खिल्वणि जनता तैं पकडै दींद अर कैलिडोस्कोप मा जन बनि बनि क रंग से लोग रौंस लीन्दन
उनि कमिसन का रंग ढंग देखिक लोक अचेते जान्दन अर समस्या तैं बिसरी जान्दन. सरकारी कमिसन
जनता तैं असली समस्या से दूर रखणो खिल्वणि च ,
राजनीति मा नेताओं आश्वासन कुछ नी च बल्कण मा यो-यो, हुला -हूप, लेगो, बार्बी , , पोगो स्टिक, स्लिंकी.
सुपर सोकर , टेड्डी बियर , लिनकॉलिन लौग्स, रुबिक क्यूब्स, कोर्गी , जोवो, ऐन्ट फार्म, लीप फ्रौग , स्नूपी ,
जन खिल्वणि होन्दन . हाँ खिल्व णि त बच्चों तैं रौंस बि दीन्दी अर बौगांद बि च . पण राजनीतिक आश्वासन
रूपी खिल्वणि बस पैल पैल बौगांदी च अर बाद मा निराशा पैदा करदी .
उन यो फोकट मा बौगाणो काम आज इ नी होंद बल्कण मा पुराणो जमानो मा बि होंद था .
गुरु द्रोणाचार्य न त अपण नौनु तैं बौगाणो बान दूध कि जगा चूना क सुफेद पाणी पिलाई थौ.
 
खिल्वणि बौगांद बि च अर वर्ग भेद की बिसात बि बिछांदी करदी . जन आजकल
टॉय /खिल्वणि /खिल्वण उत्पादक नया अनवेषण/खोज करणा रौंदन की ग्राहकुं तैं नया नया
खिल्वणि मिलन उनि अजकालौ नेता लोक हर पल , हर सेकंड मा आश्वासन अर कमिसन बैठाण
की खिल्वणि जनता तैं दीणो बान खोज पर लग्यां रौंदन. द्वीई टॉय उत्पादक बि अर नेता लोक बि
खोजी छन.
Garhwali Humour, Garhwali Satire, Humour and Satire from Uttarakhandi Languages,
Satire and Humour in Himalayan Languages to be continues in next issue ...
 
Copyright@ Bhishm Kukreti

Sunday, January 1, 2012

Modern Status Symbol बड़ आदिमौ पछ्याणक

चमकताळ -भड़कताळ
                          बड़ आदिमौ पछ्याणक
(Garhwali Humour, Garhwali Satire, Humour and Satire from Uttarakhandi Languages,
Satire and Humour in Himalayan Languages.)
                   भीष्म कुकरेती
        कबि कबि मनिख अपणो सुपिनों तैं पूरा करणों बान इथगा इना-उना, वार-प्वार डबकणो रौंद,
इं दुनिया- वीं दुन्या मा भटकणो रौंद बल अपण न्याड़ ध्वार क्या हूणु च , य़ी इ पता इ नि चल्दो .
अब द्याखो ना ! मी बडू आदिम बणण चाणो छौ अर यांक बान रोज कुछ ना कुछ करण इ लग्युं रौंद,
बॉस का समणी तनखा बढाणो रुणी धाणी, प्रमोसनौ बान बॉस का बस्ता उठाण से लेकी बौसौ कुत्ता क
टट्टी क लिंड़र पिंदक साफ़ करण तक सबी कुछ करदो . अब मुंबई मा म्यारो एक फ़्लैट ह्व़े इ ग्याई, कार ह्व़े ग्याई अब
मुंबई से भैर एक फ़ार्म हॉउस ल्हें ल्योलू त मी बि बड़ो आदिम बौणी जौल. पण इन नी च दुन्या कखन से कख चलि गे, बदली गे
सी ब्याळी स्याम की इ त छ्वीं छन .मी ओफ्फिस बिटेन ड़्यार अपण दस बै दस को ड्रवाइंग रूम
मा (जै तैं मेरा दिल्ली अर ड्याराडूण का रिश्तेदार पीठ पैथराँ पिजनहोल या दुज्यळ बुल्दन)
घुसु कि घरवाळी कुणाट करण बिसे ग्याई .
                " तुम तैं कुछ खबर बि च ? " मेरी समज मा नी आई बल घर्वाळी कुछ पुछणि च या दनकाणि च ,
डांटणि च .
              मीन बि तड़तड़ो ह्वेक बोली दे ," अब सरा दिन त्वी टी.वी. क समणि रौंदी त खबर ..त .. त्वे मा इ .."
      घर्वाळी न घुर्याण, धमकाण अर रुणफती मिलीं भौण ब्वाल," सी अनिल अम्बानी , सी टाटा,बाटा,
प्रेम जी, रुईया सब्युं क फोन टेप हुणा छन . पण हमारा इ फोन टेप नी हूणा छन . लोक बाग़ क्या
ब्वालल कि हमम राजकीय सीक्रेट लुकाणो कुछ बि नी च. सरा बिल्डिंग अर रिश्तेदारों बीच हमारी
नाक कट्याणी च ."
          " अरे ! इख्मा नाक कट्याणे बात क्या च . य़ी सौब लोक उद्योगपति छन . सरकार यूंक फोन टेप
कौरिक पता लगान्दी बल य़ी उद्योगपति क्या-क्या धान्दाली करणा छन ?" मीन बिंगाई या समजाणो
पुट्ठ्याजोर(कोशिस) लगाई .
       इथगा मा म्यार बड़ो न ब्वाल," पापा ! यही त रोणे वाळी बात है ! आज हमर कोलेज मा हमारि बडी
बेज्जती ह्व़े कि हम बड़ आदिम नि छंवां. सरकार जौं जौं क फोन टेप करणि च वो सब अब बड़ा आदिम छन
अर कौलेज मा सौब तैं पता चौली गे बल सरकार हमारा फोन टेप नि करणि च ".
मी कुछ जबाब दीन्दो कि मेरी छ्वटि न ब्वाल, "पता है पापा ! हमर कोलेज मा रिंकी, पिंकी, जौनी,
रशीदा सब्युं न मिळवाक कौरिक हम सौब तैं कोका कोला अर फ्रेंच फास्ट फ़ूड की पार्टी द्याई किलैकी सरकार यूँ सब्युंक
फोन टेप करणी च अर यांकी न्यूज अखब़ारूं मा बि छपी गे "
मीन घंघतोळ मा पूछ , " या पिंकी वै च ना जैक बुबा न बन विभागै जमीन प्राइवेट बिल्डरूं नाम कौरी दे छौ अर
अबि जेल बिटेन छुटिक आई. रिंकी क चचा अर मामा टू जी घोटाला मा फंस्यां छ्न अर रशीदा क ददा अर बुबा पर बि आठ दस
आरोप छन अर द्वीई बार बार जेल जाणा रौंदन अर छूटणा रौंदन...अर जौनी क ..?"
छ्वटि न बिची मा ब्वाल, " एंड पापा ! वी आल आर प्राउड दैट दे आर ऑवर क्लासमेट्स."
मि कुछ बोल्दु कि घर्वाळी न बोली, " आज पता च मोहल्ला मा तीन जनान्यूँ क सामाजिक सम्मान ह्व़े ?"
मीन कुछ नि ब्वाल बस आंख्युं न सैन कार बल बोल मेरी भेमाता !
घरवाळी न मुहल्ला पुराण चालु कार," आज पैल त मिसेज घोटालावती तैं मुहल्ला हौल मा सम्मान ह्व़े, फिर दुफरा मा मोहल्ला
वेलफेयर बिल्डिंग मा मा मिस ब्लैक मार्केटिया क सामाजिक सम्मान ह्व़े अर चाय काल मा मिसेज स्कैम स्कैन्डलिया क
मोहल्ला सोसल रिफोर्म होंउस मा सम्मान ह्व़े"
  मीन गंगडेक ब्वाल, " पण यूंक हजबैंड या बुबा सौब शातिर लोक छन त ..."
      मेरी घर्वाळीन खुलासा कार , " हाँ सरकार यूँ सब्युंक फोन टेप करण पर लगीँ च अर ये बाबत अखबारूं मा बि खबर छपी गेन. अर
अब त भोळ बिटेन म्यार मोहल्ला मा मुख दिखाण बि मुस्किल ह्व़े जालो."
     मीन पूछ , ' क्या स्या छ्वटि कैक दगड भगण वाळ च ?"
  मेरी पत्नी न दनकैक ब्वाल , " तुम बि ना ! अबि तलक अपण दादा क जमानो मा ही छंवां. आजकाल कैकी बेटी ब्वारी
दस दें बि कैक दगड भाजी जावन त बुरु नि माने जांद उलटा अच्काल त कैकी बेटी कखी नि भाजदी त जादा बदनामी होंद."
    मीन तड़कैकी पूछ , " ह्यां ! त हम मुख दिखाण लैक बि नि छंवां वाळ बात क्या ह्व़े ?"
      बड़ न ब्वाल," पापा ! मोहल्ले में बात फैल गयी है कि सरकार हमारा फोन टेप नहीं कर रही है ."
   छ्वटि न बिंगाई , " एस ! पापा टुडे फोन टेपिंग बाई गवर्मेंट इज सर्टेनली अ बिग स्टेट्स सिम्बल ."
             मेरी घरवाळी न ब्वाल," अब कुछ बि कारो पण इन जतन कारो कि सरकार हमर फोन टेप करण
लगी जाउ अर यांकी खबर अखब़ारूं मा बि आण चएंद ."
       बड़ न ब्वाल, " पापा ! हमने अपने दोस्त के पापा जो टेलीफोन डिपार्टमेंट में हैं उनसे बात कर ल़ी है. ही विल हेल्प अस.:
        मीन पूछ , "क्वा च उ ? "
      छ्वटि न जबाब दे, " ओ छन ना मिस्टर टेलीफोनवाला. आप मिस्टर टेलीफोनवाला तैं पैलि बि मिल्यां छंवां."
          बड़न bwal   , " पापा ! मैं मिस्टर टेलीफोनवाला को फोन लगा के दे रहा हूँ और स्पीकर ऑन किया हुआ है
आप बात कर लीजिये. हमन मिस्टर टेलीफोनवाला तैं सौब समजयुं च . बस फीस की बात बाकी च ."
      बड़न फोन लगे, स्पीकर ऑन कार अर फोन मीम दे द्याई
        मीन ब्वाल , " मिस्टर टेलीफोनवाला, " मै कुकरेती बोल रहा हूँ अभी ..."
मिस्टर टेलीफोनवाला n boli   , " हाँ हाँ मिस्टर कुकरेती ! आप चान्दन बल सरकार आपक फोन टेप कारो .हैं ?"
     मीन क्या बुलण छौ पण बुलण इ पोड़ , ' हाँ जी !"
         मिस्टर टेलीफोनवाला न बथाई , " इन च खाली सरकार फोन टेप कारली त आप तैं तीन लाख दीण पोड़ल."
      मीन खौल़े क ब्वाल , " तीन ल़ा आ आ आ आ .."
       मिस्टर टेलीफोनवाला n bwal < ", जी ! अर जु आप चाँदवां कि फोन टेप की खबर अखब़ारूं मा बि छपी जाव त सात लाख फीस च .."
        मीन बुलणे कोशिश कार , "क्या ....."
            मिस्टर टेलीफोनवाला न अग्वाड़ी खुलासा कार , अर जु आपकी इच्छा च की फोन टेप की बहस विधान सभा या लोक सभा मा
मा ह्वाऊ त भौत खर्चा लगी जालो. अर मैं नि लगद बल आपकी हैसियत इथगा च ."
           मी कुछ पूछ्दो कि मिस्टर टेलीफोनवाला न ब्वाल, " इन च अच्काल सरकार से फोन टेप हूण एक स्टेट्स सिम्बल ह्व़े गे
त ज़रा फीस जादा लगणि होली पण म्यार रेट सबसे कम छन . अर हाँ ! सौब पैसा म्यार एजेंट को ही दीण हाँ .
जनि आप सात लाख तैयार कौरी देल्या , म्यार एजेंट आप मांगन पैसा ल़ी जालो . अर तिसर दिन बिटेन आपका फोन टेप
हूण बिसे जाल अर पंचौ दिन अखब़ारूं मा खबर छपी जाली कि सरकार तैं मिस्टर कुकरेती पर देश द्रोही होणो शक च
अर यांका वास्ता सरकार मिस्टर कुकरेती का फोन टेप करणि च. " इथगा बुलणो बाद मिस्टर टेलीफोनवाला न फोन बन्द
कौरी दे .
              बड़न ब्वाल ," पापा ! अच्काल भौत सा बैंक यांक बान सौंगु/ सरलता से लोन बि दीणा छन. आप सात लाख का इंतजाम कारो..."
 
            म्यार समज मा नि आणो कि इ होणु क्या च पैल समाजप्रेमी, देशप्रेमी दिखाणो बान लोक खर्चा करदा छया. अच्काल
देशद्रोही होण स्टेट्स सिम्बल ह्व़े गे अर देशद्रोही होणो बान इथगा टुटब्याग करण पड़दन ?
Garhwali Humour, Garhwali Satire, Humour and Satire from Uttarakhandi Languages,
Satire and Humour in Himalayan Languages to be continues in next issue ...
Copyright@ Bhishm Kukreti 

DREIZEHNTE LEKTION :THIRTEENTH LESSON :TERON PATH :


 नै साल म - आवा गढ़वाली शिकला 
LET US LEARN GARHWALI THROUGH GERMAN  AND ENGLISH 
DREIZEHNTE LEKTION :THIRTEENTH  LESSON :TERON PATH :
                                तेरों पाठ
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                                                                By:   Khushal Singh Rawat , Mumbai 
Continue from previous page.
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Er gibt mir deutche Stunden. Ich kann Ihnen leider nichts geben.
He gives me  German lessons. Unfortunately, I can't give you anything.
Wu mithai German path deend. Badkismati batee, Mi tum thai  kuchh ni de sakdu.
 
वू मिथै जर्मन पाठ  दींद. बदकिस्मती बटी , मि तुम तै कुछ नि दे सकदु.

 
Konnen Sie uns etwas zu essen bringen ?
Can you bring us something to eat ?
Kya tum ham khuni kuchh khana ku lya sakda ?
क्या तुम  हम   खुणि कुछ खाणा कु ल्या सकदा ?
Zeigen Sie ihr, was Sie haben.  Schreiben Sie ihnen oft ? 
Show her what you have. Do you write to them often? 
 
Ween tai dikhawa ju bhi tum ma cha. Kya tum kabhi woon khuni lyakhda bhi chhawa ?
वीं तै दिखावा, जु भि तुम मा च. क्या तुम  कभी वूं खुणि ल्यख्दा बि छावा ?    

Wem Gehort dieses Auto ?
To whom  does this car belong ?
Ya Kaar kaiki cha ?
या कार कैकी चा ?
Es gehort mir.  Es gehort uns.  Gehort es Ihnen ?  Gehort es ihm ?
It belongs to me. It belongs to us. Does it belong to you ? Does it belong to him?
Ya meri cha. Ya hamari cha. Kya ya tumari cha? Kya ya weki cha?
 
या मेरी चा..   या हमरि चा.  क्या या  तुमारी चा?  क्या या वेकि  चा ? 
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Der Brieftrager gibt dem Vater einen Brief und der Mutter ein Paket.
The postman gives the father a letter and the mother a parcel.
Dakwan Bubaji tai chhithi  deenu cha ar Bwe tai ek parsal.
डाकवान बुबा जी तै  चिठी दीणु चा. अर ब्व़े तै एक पार्सल .
Der Brief ist von ihrem Sohn. Er bittet den Vater, ihm Geld zu senden.
The letter is from their son. He asks the father to send him money.
Woonka nauna ki chithee cha. Wel Bubaji tai painsa bhejna ku poochh.
वूं का नौना कि चिठि चा.  वेल  बुबा जी तै पैंसा भेजणा कु  पूछ.    
Das paket ist von ihrer Tochter. Sie sendet der Mutter ein Geschenk.
The parcel is from their daughter.She sends the mother a present.
Paarsal woonki nauni ku cha. Wa Bwe khuni ek uphar bhej ni cha.
पार्सल वूं कि नौनी कु चा.  वा ब्व़े खुणि एक उपहार भेजणि  चा.  
Die Kinder schreiben den Eltern oft. Der Sohn schreibt ihnen, wenn er Geld braucht.
The children writes to the parents often. The son writes to them when he needs money.
Naunyal kabhi kabhi Bwe babu khuni lyakhdeen. Naunu woon khuni tab lyakhand jab we tai painsa chandeen.
नौन्याल कभी कभी ब्व़े - बुबा खुणि ल्यखदी. नौनु वूं खुणि तब ल्याखन्द
ज़ब वे तै पैंसा चंदीं   
Die Tochter schreibt ihnen regelmassig jede Woche.
The daughter writes them regularly every week.
Nauni wookhuni har hafta brabar lyakhni raind
नौनी वूं खुणि हर हफ्ता बराबर ल्यखणि रैंद. 
Sie gibt den Eltern einen Bericht uber die Ereignisse der Woche,
She gives her parents an account of the events of the week,
Wa apda Bwe bubaji tai hafta ka chhween ka bara ma hisab deenda,
वा अपड़ा ब्व़े - बुबा जी तै हफ्ता कि छ्वीं क बारा मा हिसाब दींद. 
und sie vergisst nie, Grusse an ihre Grosselter zu senden.
and she never forgets to send greetings to her grandparetns.
ar wa kabhi bhi apda dadi-daji tai shubh kamna bhyajni ni bhulandi.
 
अर वा कभी  भि अपड़ा ददी - दाजी तै शुभ कामना भ्यजणि नि भुलंदी .
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Continue  on next page . अगिल पन्ना  म  

Let Us Be Effective Person 12-24


Mangament Guru -12
प्रबंध शास्त्री - 12
अलफ्रेड चांडलर : जैन सिद्ध कार बल ब्यापार इतियास प्रबंध हथियार च
Alfred Chandler: famous for Bussiness History as Management Tool
( Notes on Management Theories from Old age till date, Notes on Managemnt Thinkers and
Management Practices, Management Gurus, Marketing management Guru, Qaulity Mangement Guru,
Operation Managemnt Guru, Human Resourse Development Management Guru )
Bhishm Kukreti
चांडलर को नाम मनेजमेंट विज्ञान अर कला मा भौत बड़ो नाम च. चांडलर कू जनम १९१८ मा ह्व़े वैकी पढे नोर्थ करोलिना विश्व विद्यालय मा ह्व़े.
चांडलर न हार्वर्ड व.वि से पी.एच.डी करी. चांडलर को आकर्षण बुजिनेस इतिहास मा ह्व़े अर वैन हार्वर्ड वि.वि. प्रेस बिटेन 'हेनरी वारनम पूर : बिजिनेस एडिटर ,
अनालिस्ट, एंड रेफोर्मेर' किताब किताब छाप अर वैको बड़ो नाम ह्व़े. चांडलर को स्वर्गवास २००७ मा ह्व़े
एम्.आई.टी मा पढ़ान्द पढ़ान्द वैन ब्योपार इतियास पर खूब काम कार अर अगने हार्वर्ड वि.वि मा बिजिनेस हिस्ट्री क प्रोफ़ेसर बौण
चांडलर की मेहनत से मैनेजमेंट का विद्वानु अर ब्यापार्युं तैं समज मा आई कि ब्योपार क इतिहास से ब्यापारिक निर्णय ल़ीण मा सुविधा ह नि हुंद
बल्कण मा सै निर्णय बि लिए जान्दन . बिजिनेस इतियास से रणनीति तैयार करण मा बि सुविधा हुंदी .
Books by Alfred Chandler
1- Strategy and Structure, 1962
2-The Visible Hand : The Managerial Revolution in American Business , 1977
3- Management Hierarchies , 1980
4-The Coming of managerial Capitalism, 1985
5- Scale and Scope: The Dynamics of Industrial Capitalism
6- The Big Business and The Wealth of Nations , 1997
7- The Dynamic Firms, 1998
Management Guru Series to be Continued on Part 13th
हैंको Management Guru का बारा मा फड़कि -13 मा बाँचो
Copyright @ Bhishm Kukreti
Mangament Guru -13
प्रबंध शास्त्री - 13
स्टीफन कोवे : दि सेवेन हबिट्स ऑफ़ हाईल़ी इफ्यकटिव पीपल किताबौ लिख्वार
Stephen Covey : Famous for Book- The Seven Habits of Highly Effective People
( Notes on Management Theories from Old age till date, Notes on Managemnt Thinkers and
Management Practices, Management Gurus, Marketing management Guru, Qaulity Mangement Guru,
Operation Managemnt Guru, Human Resourse Development Management Guru )
Bhishm Kukreti
स्टीफन कोवे कू जनम १९३२ मा ह्व़े अर वैकी पढे हावर्ड वि.वि मा ह्व़े. अर ब्राइघम वि.वि से स्टीफन कोवे न डाक्टरेट की डिग्री हासिल कायी
भौत सालुं तक ब्राइघम वि.वि मा स्टीफन कोवे संस्थानी आचरण अर ब्यौपार प्रबंध को प्रोफ़ेसर राई . पैथर स्टीफन कोवे न अपुण बिजिनेस '
कौनवे लीडरशिप सेंटर ' नाम से ब्यापार शुरू कार.
स्टीफन कोवे क ' दि सेवेन हबिट्स ऑफ़ इफ्यकटिव पीपल' किताब मनेजरू ही ना आम अदिमुं मा बि प्रसिद्ध ह्व़े . अब तलक यीं 'दि सेवेन हबिट्स ऑफ़ इफ्यकटिव पीपल'
किताबै श्त्तर लाख से बिंडी कापी बिकी गेन
अति प्रभावी मनिखों सात आदत
स्टीफन कौनवे न अति प्रभावी मनिखौं ख़ास ससत आदतों बारा मा इन बथै:
१- पहल करण मा सक्रिय : प्रभावी मनिख काम करण मा पहल करदो (प्रोएक्टिव )
२- अंत तैं ध्यान मा धौरिक कामौ पवाण/शुरवात याने कि प्रभावी व्यक्ति दूरदृष्टि से काम करदो
(आप पतांजलि को योग संहिता या नारद भक्ति सूत्र जन किताब बाँचो त पैल्या कि यूँ अंत या फल तैं पैल बथाई अर फिर कनो फल पाण पर ल्याख)
३- जु काज पैल करण वै काम तैं पैल करण: अति प्रभावी लोक काम तैं 'अर्जंट अर महत्वपूर्ण , महत्वपूर्ण पण अर्जंट ना , अर्जंट पण महत्वपूर्ण नी च ,
अर ना त अर्जेंट ना ही महत्वपूर्ण च 'को हिसाब से बंटदन
४- जीत की ही घड्याओ/सोचो अर जीत पाओ
५- कै बि विचार /काज तैं पैल अफिक बींगो/समझो अर फिर लोकुं तैं बिंगाओ /समझाओ
६- समन्वय कारो
७-औजारु धार तै खूब पैल्याओ/तेज कारो याने कि स्वास्थ्य धर्म, सामाजिक धर्म, भावानात्मक धर्म , अध्यात्मिक धर्म, अपण बान ज्ञान धर्म
अर मनोवैज्ञानिक धर्म पूरी तरह से निभाओ
स्टीफन कोवे की किताब 'दि सेवेन हबिट्स ऑफ़ इफ्यकटिव पीपल', आज बि युवा मैनेजरूं क बीच एक महत्व पूर्ण किताब माने जांद . किताब
प्रेरणामंद च
Books by Stephen Covey
1- The Seven Habits of Highly Effective People , 1989
2- Principle Centred leadership, 1992
3- First Thing First , 1996
Management Guru Series to be Continued on Part 14th
हैंको Management Guru का बारा मा फड़कि -14 मा बाँचो
Copyright @ Bhishm Kukreti
Mangament Guru -14
प्रबंध शास्त्री - 14
फिलिप्स क्रोस्बाई ; जीरो डिफेक्ट्स शून्य कमियाँ ) को महानायक
Philip Crosby: Famous for Developing ZERO Defects Concept
( Notes on Management Theories from Old age till date, Notes on Managemnt Thinkers and Management Practices,
Management Gurus, Marketing management Guru, Qaulity Mangement Guru, Operation Managemnt Guru,
Human Resourse Development Management Guru )
Bhishm Kukreti
फिलिप क्रोस्बाई (१९२६-२००१) को जनम पच्छमी विरजीनिया मा ह्व़े अर वैकी पढे लिखै वेस्टर्न रिजर्व वि.वि मा ह्व़े .
कोरिया कि लडै मा शामिल हूणो परांत फिलिप क्रोस्बाई मार्टिन मेरिट्टा मा क्वालिटी मैनेजर बौणि गे. जख क्रोस्बाई न गुणवत्ता नियंत्रण या क्वालिटी कंट्रोल मा 'जीरो डिफेक्ट्स'
कौंळ/संकल्पना विकसित कौर
मार्टिन मेरिट्टा छोड़णो बाद फिलिप क्रोस्बाई न नामी कंपनी आई. टी. टी. मा काम करी अर फिर अपणी सलाहकार कम्पनी ' फिलिप क्रोस्बाई अस्सोसियेट की /पौ/नींव
धार. फिलिप न करियर IV कम्पनी बि बणाइ .
जीरो डिफेक्ट क बान चौदा सीढ़ी/चौदह पग
१- प्रबंधकुं प्रतिबद्धता : गुणवता की जुमेवारी प्रबंधाकुं होंद ना कि मजदूरूं की
२- गुणवत्ता सुधार टीम को होण जरुरी च
३- गुणवत्ता की नाप-तौल
४- गुणवत्ता विकास पर निवेश
५- गुणवत्ता जागृति / चेतना जागरण जरुरी च
६- सिरफ़ सही कदम
७- जीरो डिफेक्ट का बान समर्पित कमेटी
८- सुपरवाइजरों क नियमित अर प्रतिबद्ध प्रशिक्षण जरुरी च
९- जीरो डिफेक्ट दिवस की महत्ता
१०- जीरो दिफ्फेक्त का गोल स्थापित करण
११- गलत्यूं कारण को समूल नष्टिकरण
१२- पछ्याणक/ पहचाण दीण
१३- अलग बिभागूं टीम लीडरूं की गुणवत्ता परिषद्
१४- पुनरावृति : प्रशिक्षण आदि प्रोग्रैम बार बार होण चएंदन
फिलिप क्रोस्बाई न कत्ति बात गुणवता नियंत्रण पर हौरी बि बथैन जा पर कम्पनियां काम करणा छन अर उद्पदन मा गुणवत्ता मजबूत करणा छन
Books by Philip Crosby
1- Quality is Free , 1979
2- Quality without Tears
3-Hassel Free management
4- the Etternally Successful Organization: The Art Of Corporate Wellness
Management Guru Series to be Continued on Part 15th
हैंको Management Guru का बारा मा फड़कि -15 मा बाँचो
Copyright @ Bhishm Kukreti
Mangament Guru -15
प्रबंध शास्त्री - 15
डब्ल्युं. एडवार्ड्स डेमिंग : पूर्ण गुणवता प्रबंधन (TQM) को बुबा जी
W. Edwards Deming: Father of Total Quality Manegement
( Notes on Management Theories from Old age till date, Notes on Managemnt Thinkers and Management Practices,
Management Gurus, Marketing management Guru, Qaulity Mangement Guru, Operation Managemnt Guru,
Human Resourse Development Management Guru )
Bhishm Kukreti
गुणवत्ता क क्षेत्र मा डब्ल्यू .डेमिंग का सिधान्तु बगैर घड़ये/सुचे इ नि सक्यांद . जापान मा गुणवत्ता का क्षेत्र मा जो बि
क्रान्ति आई वा सौब एडवार्ड डेमिंग की देन च.
डब्ल्यू . एडवार्ड डेमिंग (१९००-१९९३) भौतिक शाश्त्र को विद्यार्थी छौ अर डेमिंग न येल वि.वि बिटेन साँख्यकी मा डोक्टरेट पाई.
शेव्हार्ट क अप्प्लिकासन ऑफ़ स्टेसटिसटिक तकनीक बांचणो उपरान्त डेमिंग को ध्यान उत्पादन मा साँख्यकी क महत्व पर गे.
दुसर विश्व जुद्ध को बाद डेमिंग जापान गे अर उखाक उत्पादकुं न डेमिंग क ज्ञान तैं समज अर जापानी उत्पादकुं न डेमिंग का सिधान्तुं तैं
अपण फैक्टर्युं मा अपणाइ अर इन मा जापान मा क्वालिटी क्रांति आई.
एडवार्ड डेमिंग का प्रबंधकूं बान चौदा सूत्र
१- ब्योपार/उत्पादन, मा टिकणो बान उत्पादन, गुणवत्ता , सेवा मा सतत सुधार जरुरी च
२- गुणवत्ता क नया दर्शन तैं पछ्याणो . गुणवत्ता प्रबंधन दर्शन च
३- बहु- संख्यक निरीक्षण सिद्धांत (Mass Inspection) पर जोर ना भै ! जोर द्याओ कि उत्पाद मा पवाण बिटेन इ / शुरुवात से इ गुणवत्ता आई जाओ
४- प्राईस तगमा (Selling Price) पर ध्यान कम द्याओ बलकण मा उत्पाद कि कीमत कम करण पर ध्यान द्याओ. अर याँखुण एकी सपलायर
क सिद्धांत अपणावो
५- सिस्टम मा सतत सुधार लांद जाओ कि उत्पाद , उत्पादन कि लागत कम ह्वाओ अर उत्पादन गुणवत्ता अर सेवा मा मा अफिक सुधार ह्वाओ .
६- प्रसिक्षण अर पुनरप्रसिक्षण पर जोर द्याओ
७-संस्थान मा स्वत: नेतृत्व आण द्याव
८- कार्मिकों मा डौर ख़तम कारो
९ - बीभागुं का मध्य दीवाल तैं हटाओ
१०-- नारेबाजी से काम नि चल्दो
११- मात्रा (Quantity) की जगा गुणवत्ता ( Quality) तैं अगने लाओ
१२ - कर्मियुं मा गर्व की भावना लाओ कर्मियुं क गर्व कतई नि त्वाड़ो
१३- प्रबंधकुं अर कर्मियुं क शिक्षा, प्रशिक्षण पर रोज निवेश करदा जाओ
१४- प्रबंधक अर कर्मियुं तैं एकी उद्देश्य का वास्ता काम करण चएंद
Books by W Edwards Deming
Out of crisis : Quality, Productivity, and Competative Position, 1986
Management Guru Series to be Continued on Part 16th
हैंको Management Guru का बारा मा फड़कि -16 मा बाँचो
Copyright @ Bhishm Kukreti
Mangament Guru -16
प्रबंध शास्त्री - 16
पीटर ड्रक्कर : उत्तर आधुनिक प्रबंधन कु बुबा जी
Peter Drucker: The Father of Post-War management
( Notes on Management Theories from Old age till date, Notes on Managemnt Thinkers and Management Practices,
Management Gurus, Marketing management Guru, Qaulity Mangement Guru, Operation Managemnt Guru,
Human Resourse Development Management Guru, General management Guru )
Bhishm Kukreti
सरा दुनया मा अकादमीय प्रबंध शाश्त्री अर कामगति प्रबंधक सबि पीटर ड्रक्कर (१९०९-२००५) तैं बेहिचक प्रबंध गुरु (Management Guru ) माणदन .
पीटर ड्रक्कर को जलम वियाना मा ह्व़े. पीटर कि शिक्षा पैल हैंम बर्ग विश्व विद्यालय मा ह्व़े.पैथर पीटर ड्रक्कर ण पब्लिक एंड इंटरनेशनल लौ
मा डाक्टरेट कि पदवी पायी. पीटर जब पठनेर (विद्यार्थी ) इ थौ त एक समाचार पत्र मा सम्पादक बि राई. नाज्युन विरोध मा एक दार्शनिक लेख छपणों
परांत पीटर ड्रक्कर १९३३ मा इंग्लैण्ड चली गे अर फिर १९३७ मा पीटर तैं अमेरिका जाण पोड़. अमेरिका मा पीटर एक ब्रिटिश कम्पनी को निवेश सलाहाकार
बौण अर दगड मा फैनेंसियल टाइम्स अर भौत सा समाचार पत्रुं को खबररशां/ संवाददाता बि राई .
१९३९ मा पीटर कि 'द एंड ऑफ़ एकोनौमिक मैन ' किताब छाप अर वैन अपण ब्यापारिक सलाहाकार कमानी ख्वाल. फिर भौत सी खासकर जर्मनी
सम्बंधित कम्पन्यूँ ब्योपार सलाहाकार बौण
पीटर ड्रक्कर ब्यौपार/संस्थानु मा प्रबंधन तैं अहमियत दीणों बान प्रसिद्ध च . वैका कुछ विचार /कोंसेप्त भौत इ प्रसिद्ध ह्वेन जौं प्रबन्ध
शास्त्र कि दुन्या इ बदल दे :
१- प्रबंधन मा विकेन्द्रीकरण अर सरलता
२- काम मा ग्यानी मजदूर हों चएंदन मतलब प्रशिक्षण तैं महत्व दीण चएंद
३- मजदूरूं का बारा मा पुराणा ख़यालात उद्योग /उद्यम का वास्ता नुकसान द्याला
४- पीटर ड्रक्कर न आउट सोर्सिंग कि जरुरात पर जोर दे
५- पीटर ड्रक्कर न समज अर उद्योग का वास्ता नॉन गवर्मेंट ओर्गेनाइजेसन (NGO ) की महता पर बि जोर दे
६-मजदुरूं तैं आदर दीण जरुरी च
७- पीटर ड्रक्कर को मानण छौ बल जादातर समौ मा सरकार लोगूँ कि असली मांग का बारा मा अनभिग्य होंदी या सरकार लोकुं असली मांग पूरी करदी ही नी च
८- सरकार अर उद्यम जादातर अपणों भूतकाल कि सफलता पर ही टिक्यां रौंदन अर इन नि दिखदन कि पुराणी कौंळ अब खुन्दो ह्व़े गे
९- बगैर सुच्यां समज्याँ कम करण असफलता को मुख्य कारण च
१०- कंपनी /फैक्ट्री मा कामगत्यूँ क एक समाज हुंद अर वां कुण यूनियन होणी चएंद
११- उद्यम को मुख्य अर पैलो उद्देश्य ग्राहकुं तैं सेवा दीण होण चएंद ना कि नफ़ा कमाण च पण नफा कम्पनी तैं ज्यूंद रौणों बान भात जरोरी च
१२- ब्यौपार मा समन्वय कि बडी महत्ता च
१३- मनेजमेंट बाई ऑब्जेक्टिव कि महता च
१४- ब्यौपार स्नास्थानु तैं हरेक काम ठीक से करण चएंद
पीटर ड्रक्कर तैं सम्मान
पीटर ड्रक्कर तैं २२ मानद डॉक्टरेट उपाधि मिलेन, कती सर्कारुन अर कत्ति संगठनु न समानित कार
Books by Peter Drucker
पीटर ड्रक्कर की भौत सी किताब छापीं . कुछ खास किताब इ छन :
1-The End of Economic Man, 1938
2- The Future of Industrial Man, 1942
3- Concept of Corporation
4- The New Society, 1950
5- The Practice of Management, 1954
6- America's Next Twenty Years, 1957
7- Landmarks of Tomorrow, 1959
8- Managing for Results, 1964
9- The Effective Executive, 1967
10- The Age of Discontinuity, 1969
11- Managing for the Future, 1992
12- Managing in Turbulent Times, १९८०
Management Guru Series to be Continued on Part 17th
हैंको Management Guru का बारा मा फड़कि -17 मा बाँचो
Copyright @ Bhishm Kukreti

Mangament Guru -17
प्रबंध शास्त्री - 17
हेनरी फेयोल : प्रशासनिक स्कूल को स्थापक

Henri Feyol: Founding Father of Administration School
(Notes on Management Theories from Old age till date, Notes on Managemnt Thinkers and Management Practices,
Management Gurus, Marketing management Guru, Qaulity Mangement Guru, Operation Managemnt Guru,
Human Resourse Development Management Guru, General management Guru )


भीष्म कुकरेती


हेनरी फेयोल कु काम की समीक्षा वैको मर णो परांत ही ह्व़े सौक जब हेनरी फेयोल (१८४१-१९२५) की लिखीं किताब जनरल एंड इंडस्ट्रियल मनेजमेंट सन १९५० इ. मा छप.


तबी प्रबंध विज्ञान -कला क विद्यार्थ्युं तैं पता चौल बल फ्रांस मा प्रबंध विज्ञानं मा उन्नेसवीं सदी मा बि भौत काम होणु छयो.


हेनरी फेयोल न ताजिंदगी 
एक खाण खोदण वळी कम्पनी कमेंट्री -फ़ोर्सैम्बौल्ट- डिकाज़ेविल मा कम करी अर मेजिंग डाईरेक्टर क रूप मा

रिटायर ह्व़े . जब हेनरी फेयोल ण कम्पनी मा काम शुरू कौर त कम्पनी क हालत भौत ही खराब छे पण हेनरी आदि क मेनत, नई सोच से कम्पनी की हालत सुधरी.
हेनरी क वै समौ का कुछ नियम या सलाह य़ी छन :
संगठन तैं चै भागूं मा बंटण
फेयोल ण कम्पनी तैं छै भागूं मा बाँट - टेक्नीकल, कोमेर्सिअल, फैनेंसियल, सेकुरिटी, अकौंटिंग अर मनेजरियल भाग
प्रबंधन का काम :
प्रबंधन को कम च - योजना बनाण अर वां पर काम करण; काम तैं संगठित करण ; समन्वय; निर्देशन (कमांड) ;
फेयोल का प्रबंधन सिद्धांत :
१- काम तैं हिज्जों बांटो
२- अधिकार अर कर्तब्यों की पूरी व्याख्या
३- अनुशासन
४- निर्देश/कमांड एकी मनिख बिटेन अर एकी दिशा मा आण चएंदन
५- दिसा निर्देशन मा साफ़ निर्देस
६-संगठन व्यक्ति से बड़ो च स्व़ार छोडि देन पण गाँव नि छोड़न जन सिद्धांत
७- कामग्त्युं तनख्वा ठीक अर न्याय्संगे होण चएंद
८- ब्यौपार या संगठन को हिसाब से केन्द्रीयकृत या विकेन्द्रीयकृत प्रशासन
९-द्वी तरां क रैबार ब्युंत / सिस्टम ( कम्युनिकेशन सिस्टम)
१०- अनुशासन की महता हर जगा
११- स्थायी प्रबंध स्थाई बुजिनेस लान्दो
१०- पहल तैं महत्व द्याओ याने काम गत्युं तैं पहल करणो बान वातावरण द्याओ
११- प्रबंधन तैं सब्युं क शुद्ध आचार , आचरण, विचार पर टक्क लगाण चएंद अर हरेक कामगति तैं
अपणि पूरी योग्यता काम पर लगाण चएंद


Book By Henri Feyol
General and Industrial Management , 1950, Revised by Gray in 1984
(
हैंको Management Guru का बारा मा फड़कि -18 मा बाँचो
Management Guru Series to be continued.......
Copyright @ Bhishm Kukreti

Mangament Guru -18
प्रबंध शास्त्री - 18
मेरी पारकर फोल्लेट : प्रबंध शास्त्र की देवदूत
Mary Parker Follet : Management Prophet
Notes on Management Theories from Old age till date, Notes on Managemnt Thinkers and Management Practices,
Management Gurus, Marketing management Guru, Qaulity Mangement Guru, Operation Managemnt Guru,
Human Resourse Development Management Guru, General management Guru )
भीष्म कुकरेती
मेरी पारकर फोल्लेट (१८६८-१९३३) क जनम अमेरिका मा एक बुजिनेस्मन का ड़्यार ह्व़े छौ . वींक घरेलु जिंदगी बुबा को गुजरणो बाद
असत व्यस्त ही राई. पढण मा मेरी होशियार छे अर हार्वार्ड, कैम्ब्रिज, पेरिस जन जगाओं मा वींकी पढाई ह्व़े. मेरी पारकर फेल्लोट न
अध्यापकीय काम छोडि क सामाजिक काम तैं अपणाइ अर टा जिन्दंगी सामाजिक कामों मा लगीं राई. सन १८९६ मा मेरी की पालि किताब ' द स्पीकर ऑफ़ होंउस ऑफ़
रेप्रेजेंटेटिव छप . सन १९१८ में फेल्लोट की दूसरी किताब 'द न्यू स्टेट' छप अर मेरी को नाम राजनीति क दर्शन शास्त्र्युं मा सुमार ह्व़े गे.
मेरी पारकर फोल्लेट का संगठनऔ बान चार खास सिद्धांत
१- संगठन मा समन्वय क बान एक हात दे एक हाथ ल़े वाळ सिद्धांत होंद
२- समन्वय मा संचार-सूचना सीधो ही होण चएंद
३- समन्वय की पौ/नींव संगठन को जनम को दगड /साथ इ धरे जाण चएंद
४- समन्वय एक सतत चलण वाळ गति विधि च , एकीकरण गति विधि सतत चलण चएंद
Key Books of Mery Parker Follett
1- The Speaker of the House of Representatives, 1896
2- The New state, 1918
3-The New state : Group Organization- The Solution for Popular Goverment 1920
मेरी न समुदाय/ग्रुप गति विधि अर ग्रुप कार्य कलापों पर अप न जमानो मा बहुत ही बढिया सोच अमेरिका वालूं तैं देन
हैंको Management Guru का बारा मा फड़कि -19 मा बाँचो
Management Guru Series to be continued.......
Copyright @ Bhishm Kukreti
Mangament Guru -19
प्रबंध शास्त्री - 19
हेनरी लौरेंस गैंट : गैंट चार्ट कु पुरोधा
Henry Laurence Gantt : Famous for Gantt Chart
Notes on Management Theories from Old age till date, Notes on Managemnt Thinkers and Management Practices,
Management Gurus, Marketing management Guru, Qaulity Mangement Guru, Operation Managemnt Guru,
Human Resourse Development Management Guru, General management Guru )
भीष्म कुकरेती
हनेरी गैंट (१८६१-१९१९) प्रबंध शास्त्र मा गैंट चार्ट क बान सद्यानी याद करे जांद. आज प्रोहेक्त मनेजमेंट मा
गैंट चार्ट हौरी बि अगने विकसित ह्व़े गे पण गैंट को अबि बि औचित्य च. हेनरी प्रबंध मा मानवीय सम्बन्धुं क मुखर
समर्थक अर धड़वे दवे पैरवीकार बि छौ. हेनरी न पैथराँ ब्यौपार मा सामाजिक करत्व्युं अर सामाजिक जुमेदारी
क पैरवी बि कार .
हेनरी गैंट को जानम एक सौकार किसाण मौ/ परिवार मा मेरिलैंड मा ह्व़े. गृह जुद्ध क वजे से वैन बाळपन मा
कठणे बि अनुभव करीन. जोहन्स होपकिन वि.वि मा ग्रेजुएट हूणो १८८४ मा वु ड्राफ्ट्समैन अर फिर इंजीनियर ह्व़े .
हेनरी गैंट न तीन चार स्टील क्म्पन्युन मा काम कार .हेनरी गैंट न स्टील क्म्पन्युन मा आधुनुक मनेजमेंट पितामह टेलर क दगड बि काम
कार सही माने मा टेलर कु च्याला बि छौ
हेनरी को मानण छौ बल साइंटिफिक अप्प्लीकेसन से उत्पादन मा बढोतरी ह्व़े जाली .
हेनरी गैंट न अपण फैक्टरी मा कामगत्यूँ क बान कार्य गोल अर बोनुस शुरू कार. फिर हेनरी न काम कु समौ क हिसाब
से बोनुस की शुरुवात कार. हेनरी न इंडस्ट्रियल एज्युकेसन की वकालत बि कार
गैंट चार्ट की शुरुवात पैलि मज्दुरून काम निरिक्षण का वास्ता दिन भरू र्कोर्ड भरण से ह्व़े . जु मजदूर अपण काम पूरो करी दींदु छौ
वै दिन चार्ट मा वैको समणि काल़ो निसाण लगद छौ जै दिन मजदूर को काम पुरो नि होंद छौ चार्ट मा वैक समणि लाल निसाण लगदो छौ
फिर चार्ट मा मशीन वेज काम, घंटो हिसाब से काम , कीमत नियन्त्रण आदि बात आंदा गेन . फिर योजित काम , समौ , काम मात्रा क बान बार चार्ट बि
विकसित कार .
आज बि प्रजेक्ट मा गैंट चार को हिसाब से काम कि छाण निराळ (ऐनालिसिस आदि) .
Books by Henri Laurence Gaintt
1-Work, Wages, and Profits, 1910
2-Industrial Leadership , 1916
3-Organizing for Works
हेनरी गैंट न उद्योगुं मा , प्रोजेक्ट मनेजमेंट मा प्रोफ़सनलिजम , काम तैं समौ, मशीन आदि क हिसाब से बंटण , उत्पादन मा कीमत नियन्त्रण
आदि कि पौ (नीन्व) धार अर आधुनिक प्रबंधन विज्ञान तैं टेलर को दगड अगने बढाई . हेनरी ण ब्यौपार क सामाजिक जुम्मेवारी क
बि ब्याख्या कार .
हैंको Management Guru का बारा मा फड़कि -20 मा बाँचो
Management Guru Series to be continued.......
Copyright @ Bhishm Kukreti
Mangament Guru -20
प्रबंध शास्त्री - 20
सुमंत्रा घोषाल अर क्रिस्टोफर बार्टलेट : अंतररास्ट्रीय व्यौपारऔ खुजनेर अर रणनीति कार
Sumantra Ghoshal and Christopher BartlettFamous for Managing Across Borders
Notes on Management Theories from Old Age till date, Notes on Managemnt Thinkers and Management Practices,
Management Gurus, Marketing management Guru, Qaulity Mangement Guru, Operation Managemnt Guru,
Human Resourse Development Management Guru, General management Guru )
Bhishm Kukreti
सुमंत्रा घोषाल अर क्रिस्टोफ़र बार्टलेट दुयूं दगड़ी अंतररास्ट्रीय व्यापारिक संस्थानु क काम कजुं पर खोज करी अर अंतररास्ट्रीय ब्यौपार
करणो बान क्य ठीक च क्य खराब च पर अपणा सिद्धांत देन .
सुमंत्रा घोषाल (१९४६-२००४) कु जनम भारत मा ह्व़े अर भौतिक बिज्ञान कि प्दहाई परांत घोषाल न इंडियन आयल मा काम कार.
फिर घोषाल न द्वी विश्व विद्यालयुं एम्.आई.टी. अर हार्वर्ड बिटेन डॉक्टरेट की पदवी लेई . अर घोषाल अध्यापक बि राई त कत्ति बिजिनेस संस्थानु मा सलाहकार बि छौ.
घोषाल न दस किताब छापिन अर सहतर से बिंडी लेख छापिन
क्रिस्टोफ़र बार्टलेट पैल अल्कोआ ऑस्ट्रेलिया मा मार्केटिंग मनेजर राई, फिर मैकनसी मा जनरल मनेजर राई फिर हार्वर्ड वि.वि मा प्रोफेसर ह्व़े.
क्रिस्टोफ़र की दस किताब छापी गेन
जब सन १९८९ मा घोसल अर क्रिस्टोफर के किताब ' मनेजिंग आक्रोस बोर्डर' छप त दुयूं तैं अंतररास्ट्रीय मनेजमेंट संसार मा बडी बड़ें मील .
घोषाल अर क्रिस्टोफ़र न कथगा इ खोजूं पर समौ समौ पर अपणा कथगा इ सिद्धांत देन पण घोषाल अर क्रिस्टोफ़र क मल्टीनेशनल कम्पन्यूँ क तीन भागूं मा
बंटण वाळ सिधान्तुं क जादा चर्चा हूंद
१- मल्टीनेशनल मोडल : विकेंद्रीयकृत फेडिरेसन, जख स्थानीय समस्याओं समाधान स्थानीय हिसाब से करे जांद , स्थानीय शाखा
अपणी रणनीति बि बणे सकदी च. सबी शाखाओं तैं एकीकरणो बान हेड ऑफिस बिटेन भिज्यां बड़ा अधिकारी शाखाओं मा काम करदन .
युनि लीवर, फिलिप्स , इन मालती नेशनल संस्थानु उदाहरण छन .
२- ग्लोबल मॉडल : जादा उत्पादन क अर्थशास्त्र से फैदा उठाण वल़ा संस्थान जु नया बाजार मा जाण मा जादा फैदा दिखदन जन कि
फोर्ड या मात्सुसिता (पैनासोनिक ). इन कम्पनी केन्द्रीयकृत प्रशासन मा विश्वास करदन
३- इंटरनेशनल मॉडल ; इन कम्पनी नई तकनीक , उळझिं तकनीक , नयो ज्ञान तैं कम एडवांस जगाओं मा बिचण मा फैदा समजदन .
जन कि आई, बी .एम्., एरिक्सन आदि. रणनीति मा य़ी कम्पनी आधा ग्लोबल मॉडल जन छन अर अधा मुलती नेशनल जन होन्दन.
सुशांत अर क्रिस्टोफ़र का कार्यकुशलता अर आर्थिक विकास, थ्री पीज (उद्देस्य/गोल, प्रोसेस-कार्यविधि अर पीपल/मानव शक्ति)
पर बी अपना अभिनव विचार काफी प्रसिद्ध ह्वेन , घोषाल अर क्रिस्त्प्फेर ण हौरी बी सिद्धांत प्रबंध विज्ञान संसार तैं देन
सुमंत्रा घोषाल तैं इकोनोमिस्ट न 'यूरो-गुरु' क पदवी दे .
इनी क्रिस्टोफ़र तैं बी कथगा इ संस्थानु न सम्मानित कार
Books by Sumantra Ghoshal and Christopher Bartlett
1- Managing Across Borders
2- The Individualized Corporation
आधुनिक प्रबंध मा सुमंत्रा अर क्रिस्टोफ़र तैं सद्यानी याद करे जाल .
हैंको Management Guru का बारा मा फड़कि -21 मा बाँचो
Management Guru Series to be continued.......
Copyright @ Bhishm Kukreti
Mangament Guru -21
प्रबंध शास्त्री - 21
फ्रैंक गिलब्रेथ अर लिलियन गिलब्रेथ : गति अध्यन का उन्नायक
Frank and Lilian Gilbreth : Poineers of Motion Study Concept
(Notes on Management Theories from Old Age till date, Notes on Managemnt Thinkers and Management Practices,
Management Gurus, Marketing management Guru, Qaulity Mangement Guru, Operation Managemnt Guru,
Human Resourse Development Management Guru, General management Guru )
Bhishm Kukreti
फ्रैंक गिलब्रेथ (१८६८-१९२४) अर लिलियन गिलब्रेथ को जोगदान प्रबंधन विज्ञान तैं अगनै बढ़ाण मा बड़ो जोगदान च .
फ्रैंक गिलब्रेथ मा ण दो छौ कि उत्पादन अर हौरी जगा बि प्रबंधकुं कर्तव्य च बल प्रबंद्हल कामकाज्युं सामर्थ्य को
पूरो पूरो इस्तेमाल कारन. अर मनिखौ सामर्थ्य तैं भैर ल़ाणो बान सिक्षा, प्रसिक्षण , कार्य शैली, कार्य वातावरण
पर ध्यान दी ण जरुरी च. फ्रैंक पैल ब्रिकलेयर छौ अर फिर वैन अपणी इन्जिनीरिंग सलाहकार कम्पनी खोली.
फ्रैंक कु ब्यौ लिलियन क दगड १९०४ मा ह्व़े. दुयुंक बारा लौड़-लौड़ी ह्वेन. लिलियन ड़्यार औ काम बि सम्बाळदि छे अर फ्रैंक को दगड मा
बि काम करदी छे. लिलियन न फ्रैंक को मरणो परांत काम तैं पूरो कार
फ्रैंक आधुनिक प्रबंध विज्ञान क बुबा ऍफ़.एम्. टेलर कु समकक्षी छौ अर टेलर को मान/आदर करदो छौ.लिलियन तैं
'फर्स्ट लेडी ऑफ़ मनेजमेंट ' बुले जांद. लिलियन तैं १९९५ मा अमेरिका मा ' नेशनल वीमेन 'स हाल ऑफ़ फेम' मा शामिल करे गे
फ्रैंक अर लिलियन गिलब्रेथ को कुछ ख़ास सिद्धांत
१- सरल तरीका : काम करणों तरीका मा सरलता हूण जरूरी च .
फ्रें ण होस्पिटलुं मां औप्रेसन क बक्त नर्सुं द्वारा डाक्टर तैं औजार दीणे अर हौरी सहायत दीणे कौंळ बताई जन से
औप्रेसन क समय काम ह्वाऊ. अफु इ ड्यारम कार्य दक्षता अर समय कम करणो बान प्रयोग करदो रौंद थौ.
२- थरब्लिग्स : हाथुं गति पर फ्रैंक -लिलियन न कथगा इ प्रयोग करीन अर अंत मा १७ तरं क गति बतैन .
३- माइक्रोक्रोमोमीटर : कामगारूं गति अध्ययन क फोटो ल़ीणो बाद गिलब्रेथ द्वी झणो न पाई कि सेकंड का १/२००
हिज्जा तैं इ रिकोर्ड करे सक्यांद
४- प्रोसेस अर फ्लो चार्ट : फ्रैंक अर लिलियन न गेंट चार्ट को विकास करी एवम प्रोसेस अर फ्लो चार्ट इजाद कौर
५- औपेरसन मा मनोविज्ञान : लिलियन अर फ्रैंक न सिद्ध करी कि मजदुरूं क कार्य शैली मा बदलाव ल़ाणो बान
उद्देश्य पूरक काम अर मजदुरूं खुणि लाभदाई
योजना हूण जरुरी च
ठीक च आज फ्रैंक अर लिलियन क काम कि महता जाणण कठण च पण उन्नीसवीं सदी मा फ्रैंक गिलब्रेथ
अर लिलियन क काम बड़ो ही नयो अर विचारोत्तेजक छया .
हैंको Management Guru का बारा मा फड़कि -22 मा बाँचो
Management Guru Series to be continued.......
Copyright @ Bhishm Kukreti
Mangament Guru -22
प्रबंध शास्त्री - 22
डेनियल गोलमैन : भावनात्मक बुद्धि/मेधा (इमोसनल इंटेलीजेंस ) को धड़वे
Daniel Goleman : Famous for Emotional Intellegence
(Notes on Management Theories from Old Age till date, Notes on Managemnt Thinkers and Management Practices,
Management Gurus, Marketing management Guru, Qaulity Mangement Guru, Operation Managemnt Guru,
Human Resourse Development Management Guru, General management Guru )
Bhishm Kukreti
डेनिअल गोलमैन (१९४६-) से पैलि बुधि नापणो एकी पैमाना छौ अर वै तैं 'इंटेलिजेंस कोटियंट (IQ ) बुले जांद छौ.
डेनियल न IQ सिद्धांत तैं ललकार अर ब्वाल बल इमोसनल इंटेलिजेंस 'इंटेलिजेंस कोटियंट से जादा महत्वपूर्ण च.
डेनियल गोलमैन न अपण सिद्शंत इमोसनल इंटेलिजेंस को खूब प्रचार प्रसार कौर . डेनियल कु विचार च बल
मनिख म भावनात्मक मेधा या बुद्धि एक योग्यता होंद जो अफुं तैं प्रेरित करणो बान अर अपण भितर अर भैरक सम्बन्ध प्रबंध करणो बान,
अपण अर दूसरों भावना पछ्याणद .
डेनियल को जनम १९४६ मा ह्व़े अर वैन मनोविज्ञान मा पीएच डी. कि डिग्री हार्वर्ड बिटेन लेई . १९९५ मा डेनियल गोलमैन की
बेस्ट स्यलिंग किताब ' इमोशनल इंटेलिजेंस : व्हाई इट कें मैटर मोर दैन IQ ' छप अर वैको नाम मनोविज्ञान अर प्रबंध विज्ञानं संसार मा चमकी गे.
फिर १९९८ मा डेनियल की किताब ' वर्किंग विद इमोशनल इंटेलिजेंस ' छप त डेनियल प्रबंध विज्ञान मा एक बडी हस्ति ह्व़े गे. डेनियल गोलमैन
क मानवीय व्यवहार सम्बन्धी लेख न्यू योर्क टाइम्स मा लगातार छपेणा रौंदन. डेनियल क सिधान्तुं मा पतांजलि क योग सूत्र, भारतौ तन्त्र विज्ञान,
बौद्ध तन्त्र, कृष्ण मुरती सीख आदि मिलदु ,
डेनियल न सिद्ध करणे कोशिश करी बल इमोसनल इंटेलिजेंस प्रतियोगिता जितणो एक अश्त्र च
इमोसनल इंटेलिजेंस का द्वी पहलू
१- अफु तैं पछ्याणण, अपर उद्देश्य/उद्देस्युं तैं जणण, अपुण इरादों तैं पछ्याणण, आदि
२- दूसरों तैं अर ऊंकी भावनाओं तै पछ्याणण
इमोसनल इंटेलिजेंस का पांच क्षेत्र
१- अपण भावनाओं जानकारी
२- अपण भावनाओं तैं काबू करण
३-अफु तैं अफिक प्रेरित करण
४-दुसरौं भावनाओं पछ्याणक करण अर ऊन भावनाओं जानकारी हासिल करण
५- आपसी सम्बंधुं क भली भांति सैंकी रखण या सम्बन्ध प्रबंधन को मतबल च दूसरों भावनाओं को प्रबंधन करण
प्रतियोग्यता मा इमोसनल इंटेलिजेंस को प्रयोग
१- अफु तैं जाणण
२- अफु तैं सँभाळण याने स्व प्रबंधन
३- समज मा प्रतियोगिता करण
४- सामाजिक बुद्धि या युक्ति : दूसरों मदद करण, दुसरो क विकास करण, दूसरों पर प्रभाव या छाप छोड़ण, बदलाव प्रबंधन की बुद्धि, आपस मा सहकारिता स्थापित करण ,
आपस मा गाढ़ो सम्बन्ध स्थापित करण , समूह मा भयात क सिद्धांत लागु करण
पर्वाणु / लीडरूं गुण अर किसम
डेनियल न इमोसनल इंटे लिजेंस क हिसाब से पर्वाणु किसम इन बथाईन
१- डांडामार या जबरदस्ती करण वाळ परवाण
२- जोरदार या रोबदार पर्वाण
३- सम्बन्ध कारि पर्वाण
४- प्रजातन्त्री पर्वाण
५- दौड़प्रेमी पर्वाण
६- सिखाण वाळ पर्वाण
डेनियल गोलमैन क सिधान्तु विरोधी बि कम नि छन
Key Books by Deniel Goleman
1- Emmotional Inteligence, 1995
2- Working with emtional Inteleigence
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Mangament Guru -23प्रबंध शास्त्री - 23
गैरी हैमल ; नवी रण नीति क धड़्वे
Gary Hamel : Famous for The Search for a New Stretegic Platform
(Notes on Management Theories from Old Age till date, Notes on Managemnt Thinkers and Management Practices,
Management Gurus, Marketing management Guru, Qaulity Mangement Guru, Operation Managemnt Guru,
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गैरी हेमल (१९५४-) अर वैको गुरु सी.के.प्रहलाद 'कम्पीटिंग फॉर फ्यूचर ' लेख अर किताब का कारण प्रबंधन क्षेत्र मा प्रसिद्ध
ह्व़े. गैरी हेमल का व्यौपार मा रण नीति न प्रबंधन विज्ञान्युं अर प्रबन्धकुं दुयूं तैं प्रभावित कार.
गैरी हेमल का ख़ास विचार
१- आज व्यौपारिक संस्थानुं तैं परम्परा तोडू रण नीति से भविष्य दिखण चएंद
२- रण नीति तैं मुख्य प्रतिस्पर्धी गुण बणाण चएंद
३- गैरी हैमल न रण नीति क्रान्ति (Strategy as revolution ) लेख मा कथगा इ ख़ास बात बतैन
४- रण नीति कि रचना करे जांद ना कि रण नीति कखी पड़ीं रौंद
Key Books by Gary Hamel
1- Cooauthor with C.K.Prahlad, Competing for Future, 1994
2-Coauthor with yves Doz , Aliance Advantage : The Art of Creativng Value. 1998
3- Staretegic Flexibilty , 1998
4- Leading the Revolution , 2000
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प्रबंध शास्त्री - 24
चार्ल्स हैंडी: संस्थानु मा बदलाव समजण वाळ अर बदलाव कु बक्की (भविष्यवक्ता )
Charles Handy : Famous for Understanding the Changing Orgaanization
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चार्ल्स हैंडी को जनम आयर लैंड मा १९३२ ह्व़े , चार्ल्स हैंडी तैं महान प्रबंधन विचारकुं मा गणे जांद .
शेल पेट्रोलियम कम्पनी मा चार्ल्स भौत सालुं तक मार्केटिंग एक्जीक्यूटिव राई , फिर एम्.ऐ.टी. मा फेलोशिप का बाद
चार्ल्स हैंडी लन्दन स्कूल आफ इकोनोमिक्स मा प्रोफ़ेसर बि राई. फ्री लांसर लिख्वार क अलावा चार्ल्स रोयल सोसाइटी
ऑफ़ आर्ट्स को अध्यक्ष बि राई .
चार्ल्स हैंडी न ओर्गेनैजेसनल बिहेविअर या संस्थानु मा आचरण अर मनेजमेंट पर खूब ल्याख.
चार्ल्स हैंडी क ' शैमरौक' सिधांत भौत प्रसिद्ध ह्व़े जां मा चार्ल्स हैंडी न संस्थानु मा कामगत्युं तैं तीन भागूं मा बाँट :
१- क्वालिफाइड प्रोफेसनल : प्रोफेसनल टेक्नीसियन, मैनेजर
२- ठेकेदारी वाळ विशेषग्य : विज्ञापन विभाग, अनशन विभाग आदि का कामगति
३- लचीला कामगति : जन कि साधारण मजदूर, पार्ट टैम मजदूर आदि
Key Books by Charles Handi
1- Understanding Organization, 1985
2-Gods of Management , 1985
3- The Age of Unreason , 1989
4- The Empty Raincoat, 1994
5- Beyond Certainity , 1995
6- The hungry spirit
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