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Monday, September 3, 2012

ये पहाड़ मा मुश्किल जिंदगी पहाड़ जनि

पहाड़ 
जनि सुणेण मा
तनि दिखेण मा
भोगणा मा  
दुन्य की गैळी 
कर्दिन हैरी 
यख बिटि
फुटीं  
छोया गदेरी
पण अफु 
रैगैनी 
निरपट सूखा 
बीरान 
यु पहाड़ 
ये पहाड़ मा 
मुश्किल जिंदगी 
पहाड़ जनि.

ऊबड़-खाबड़ धरती
उकाळ-उंदार
पैदल बाटों मा 
खुटों मा 
बिनांदा कांडा
पिडांदा
गारा-ढुंगा      
सीढ़ी जना 
छवटा-छवटा  
डुंडा-बिंगड़ा
रूखा-सूखा पुंगडा मा 
घर्या बल्द अर 
हल्य़ा ब्वाडा 
दगड़ मा डळफ़ोडा   
घुसणा रंदीन
अपणा सुक्याँ हड्गा
बगत कु बगत 
बरखण वल़ा बादळ  
कबी कबी 
छुमछे जन्दिन पाणि 
कखिम कखिम 
या रै जन्दिन 
तरसणा 
चोळी जना
अर कबी 
अति बरखा 
कैरि जांद 
सब कुछ चौपट 
घर कूड़ी  
बोगै जांद
ये पहाड़ मा 
मुश्किल जिंदगी 
पहाड़ जनि 

        डॉ नरेन्द्र गौनियाल...सर्वाधिकार सुरक्षित ..narendragauniyal@gmail.com

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